नॉलेज

NASA Image: कैटरपिलर जैसा दिखता है नवजात तारा, जानें किन बादलों में बनते हैं तारे

New Born Star: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने कैटरपिलर की तरह दिखाई देने वाले एक प्रोटोस्टार की तस्वीर जारी की है। गैस और धूल से बनी हुआ यह प्रोटोस्टार कई प्रकाश वर्ष तक फैला हुआ हो सकता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि अभी तक सूर्य जैसा ताप उत्पन्न करने की क्षमता रखने वाला प्रोटोस्टार पैदा नहीं हुआ है।

Image

प्रोटोस्टार (फोटो साभार: NASA)

KEY HIGHLIGHTS
  • NASA ने नवजात तारे की तस्वीर की जारी।
  • कैटरपिलर की तरह दिख रहा नवजात तारा।
  • आणविक बादलों में बनते हैं प्रोटोस्टार।

New Born Star: क्या आप लोगों को तारे देखना पसंद है? और अगर पसंद नहीं भी है तो कम से कम एक-दो दिन में एकाद बार आप लोग रात के समय आसमान में चकमते हुए तारों को जाने-अनजाने में जरूर देखते होंगे और अगर टूटता हुआ तारा दिख जाने तो भई क्या कहने, लेकिन क्या आपको पता है कि तारे किन बादलों में बनते हैं? चलिए आज अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) की एक तस्वीर की मदद से तारे बनाने वाले बादलों के बारे में समझते हैं।

NASA ने जारी की रोचक तस्वीर

नासा ने लगातार ब्रह्मांय से जुड़ी हुई अद्भुत और रोचक तस्वीरें जारी करता रहता है। इसी कड़ी में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने एक नवजात तारे की तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की है। यह तस्वीर अंतरिक्षप्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर सकती है, क्योंकि इस तस्वीर को देख ऐसा प्रतीत हो रहा है कि एक कैटरपिलर ब्रह्मांड में रेंग रहा हो।

बकौल नासा, इंटरस्टेलर गैस (Interstellar Gas) और धूल का यह प्रकाश कुछ-कुछ कैटरपिलर की तरह दिखाई दे रहा है। दरअसल, यह एक नवजात तारा (Newborn Star) है, जिसे हम प्रोटोस्टार (Protostar) भी कहते हैं।

क्या है प्रोटोस्टार?

प्रोटोस्टार एक तारा बनने की प्रक्रिया है। जब प्रोटोस्टार के केंद्र का तापमान 10 मिलियन K से ज्यादा हो जाता है तो यह तारा बनता है। हालांकि, प्रोटोस्टार एक तारकीय नर्सरी यानी आणविक बादलों में बनते हैं।

बकौल नासा, गैस और धूल के बड़े बादलों में तारे बनते हैं जिन्हें आणविक बादल (Molecular Cloud) कहा जाता है। यह बादल बेहद विशाल और ठंडे होते हैं। साथ ही समूहों में मौजूद रहते हैं, लेकिन गुरुत्वाकर्षण के कारण कुछ बादल समाप्त हो जाते हैं और इस प्रक्रिया के चलते होने वाले घर्षण से पदार्थ गर्म हो जाता है और अंतत: एक प्रोटोस्टार का जन्म होता है।

अभी तक ऐसा प्रोटोस्टार नहीं देखा गया है जिसके भीतर सूर्य जैसा ताप पैदा करने की क्षमता हो। हालांकि, भविष्य में हो सकता है कि प्रोटोस्टार अन्य सूर्य जैसे तारों की तरह ऊर्जा उत्पन्न करने की क्षमता विकसित कर ले। नासा द्वारा जारी की गई प्रोटोस्टार की तस्वीर को हबल स्पेस टेलीस्कोप और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी की मदद से कैप्चर किया गया था।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article