महंगे पेट्रोल-डीजल की मार झेल रहा राजस्थान, बीजेपी अध्यक्ष सतीश पूनिया का दावा- 1500 पेट्रोल पंप हुए बंद

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 28, 2022, 02:47 PM IST

राजस्थान बीजेपी अध्यक्ष सतीश पूनिया का कहना है कि मौजूदा सरकार की नीतियों की वजह से पेट्रोल पंपों पर संकट आन खड़ा है।

महंगे पेट्रोल-डीजल की मार झेल रहा राजस्थान, बीजेपी अध्यक्ष सतीश पूनिया का दावा- 1500 पेट्रोल पंप हुए बंद

जयपुर। जैसे- जैसे राजस्थान में विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे वैसे मुख्य विपक्षी दल भाजपा राज्य की कांग्रेस सरकार पर हमलावर होती नजर आ रही है। परीक्षाओं में अनियमितता, रेप की घटनाओं, उपद्रव से लेकर बिजली कटौती और महंगे पेट्रोल-डीजल को लेकर बीजेपी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को घेर रही है। 

जानबूझकर वैट नहीं कम कर रही राजस्थान सरकार
भाजपा राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा उत्पाद शुल्क घटाए जाने के बावजूद पेट्रोल और डीजल पर वैट कम नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राजस्थान समेत कांग्रेस शासित राज्यों में भाजपा शासित राज्यों से वैट बहुत ज्यादा है यही वजह है कि बॉर्डर एरिया के 1500 पेट्रोल पंप बन्द हो चुके है। सरकार खुद सर्कुलर जारी कर रोड़वेज में डीजल हरियाणा से भरवाने के निर्देश दे रही है। बेहतर होता कि सरकार वैट में कमी कर जनता को राहत देती। 

पूनिया ने कहा कि राजस्थान समेत कांग्रेस शासित सभी राज्यों में पेट्रोल-डीजल पर वैट की दर देश में सबसे ज्यादा है, जिससे आम आदमी ऊंची दरों पर ऑटो ईंधन खरीदने को मजबूर है। कर्नाटक, गुजरात, उत्तर प्रदेश, हरियाणा आदि राज्यों में डीजल/पेट्रोल पर वैट में कमी से वहां के लोगों को राहत मिली है।पूनिया ने आगे कहा, "राजस्थान के आसपास के अन्य राज्यों के कई जिलों में वैट रेगिस्तानी राज्य की तुलना में बहुत कम है, जिसके कारण तेल माफिया दूसरे राज्यों से पेट्रोल और डीजल लाकर राजस्थान में बेच रहे हैं। इससे राज्य सरकार को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। साथ ही, आम आदमी महंगाई के बोझ का सामना कर रहा है।" उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार आम लोगों को राहत देने की जगह केंद्र सरकार पर निशाना साध रही है। पीएम मोदी ने साफ कर दिया कि वो राज्य जिन्होंने वैट में कमी नहीं की है वो अपने राज्य की जनता को राहत देने का काम करें

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