Khajana Mahal Jaipur : जयपुर में 18 मई से खुलेगा 'खजाना महल' म्यूजियम, सजे हैं बेशकीमती जेम स्टोन्स

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 18, 2022, 08:57 PM IST

Khajana Mahal Jaipur : पिंकसिटी जयपुर में एक और नायाब हीरा 'खजाना महल' के रूप में जुड़ने वाला है। यह म्यूजियम जलमहल में स्थित गुर्जर घाटी में खुलेगा। इस म्यूजियम में 400 प्रकार के 20 हजार से अधिक बेशकीमती जेम स्टोन और ज्वैलरी देखने को मिलेगी।

Khajana Mahal Jaipur : जयपुर में 18 मई से खुलेगा 'खजाना महल' म्यूजियम, सजे हैं बेशकीमती जेम स्टोन्स
Photo Credit: Twitter

Khajana Mahal Jaipur : लगभग तीन सौ साल पहले जिस जगह अश्वमेध यज्ञ हुआ, उसी जमीन पर पत्थरों से निकलकर जेम स्टोन बनने और फिर गहनों में ढलने का सफर लोग खजाना महल जेम्स एंड ज्वैलरी म्यूजियम में देख सकेंगे। जलमहल स्थित गुर्जर घाटी में खुलने को तैयार अनूठा म्यूजियम दर्शकों के लिए तैयार है। करीब 3 एकड़ में बने म्यूजियम में सैलानी देश-दुनिया के चार सौ प्रकार के बीस हजार से अधिक जेम स्टोन देख पाएंगे। इनमें से कई तो सौ साल से अधिक पुराने हैं। 

करीब 6 करोड़ रुपए की लागत से तैयार म्यूजियम के बनने की शुरुआत दिसंबर 2019 में हुई, जो अब बनकर पूरी तरह तैयार है। इसे इंटरनेशनल म्यूजियम डे यानी 18 मई को खोला जाएगा।

म्यूजियम की ये है खासियत

म्यूजियम को 39 हिस्सों में बांटा गया है। जिसमें सेमी प्रेशियस स्टोन से बनी 111 किलो की दुनिया की सबसे बड़ी रिंग, रामेश्वरम वाले 7 पत्थर, जेम स्टोन आधारित विभिन्न देशों से निकले 500 तरह के स्टैम्प, असली उल्का पिंड का टुकड़ा, करोड़ों साल पुरानी संरक्षित डायनासोर की हड्डी, कोहिनूर की रैप्लिका, शार्क के दांत, नवग्रह से लेकर 21 सीटर हाइटेक मिनी थियेटर जैसे कई अट्रेक्शंस पहले फेज में दिखेंगे।

आठ मिनट की दिखाई जाएगी फिल्म

दूसरे फेज में विजिटर्स को सिंगापुर के म्यूजियम्स के तर्ज पर माइंस का वर्चुअल व आर्टिफिशियल इंटीलीजेंस की मदद से एक्सपीरियंस करवाया जाएगा। एंटरटेनमेंट 7 क्रिएटिव वेंचर्स व म्यूजियम ऑफ जेम ज्वैलरी फेडरेशन जयपुर के सहयोग से शुरू होगा। चूंकि म्यूजियम जेम स्टोन जैसे नायाब पत्थरों के गहनों से ढलने का सफर बयां करेगा। इसलिए 21 लोगों के क्षमता वाले मिनी थियेटर में पत्थरों पर आठ मिनट की फिल्म दिखेगी।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

सुरक्षा के लिए यहां 125 नाइट विजन कैमरे लगे हैं। 50 परसेंट ऐसे कैमरे हैं जो हर बारीक मूवमेंट पर नजर रखेंगे। सभी कैमरे साउंड प्रूफ व विजुअल सेंसर बेस्ड हैं। सैलानियों को ज्वैलरी छूने या उठाने पर तुरंत ही इंट्रूडर अलार्म बज उठेंगे। म्यूजियम में चार फीट मोटी दिवारे हैं। 24 घंटे सिक्योरिटी गार्ड रहेंगे। एंट्री के दौरान सुरक्षा के लिहाज से सभी से आईडी कार्ड लेंगे। सुबह 9 से शाम 5 बजे तक एंट्री रहेगी। म्यूजियम ऑफ जेम एंड ज्वैलरी फेडरेशन जयपुर के कोर्डिनेटर, डॉ. रजनीकांत शाह ने बताया कि भावी पीढ़ी जेम्स ज्वैलरी के बारे में जाने और समझे, इस उद्देश्य से इस म्यूजियम की शुरूआत की गई है।  

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