Bhagwant Mann Pakistan Visa: लाहौर में होने वाले विश्व पंजाबी सम्मेलन को लेकर पाकिस्तान ने कहा है कि अगर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान लाहौर आना चाहते हैं, तो वह उन्हें वीजा देने पर विचार करेगा। इस बयान के बाद अब सबकी नजरें नई दिल्ली पर टिकी हैं कि क्या भारत सरकार सीएम मान को पाकिस्तान जाने की अनुमति देगी। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता सज्जाद हैदर खान ने अपनी साप्ताहिक प्रेसवार्ता में यह बात कही।
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता से भगवंत मान की संभावित पाकिस्तान यात्रा को लेकर सवाल पूछा गया था। जवाब में खान ने कहा कि अगर मान पाकिस्तान की यात्रा करना चाहते हैं, तो पाकिस्तान सरकार उन्हें वीजा जारी करने पर विचार करेगी। उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि भारत सरकार मान को जाने की अनुमति देती है या नहीं, यह पूरी तरह अलग मामला है।
27 नवंबर को लाहौर में होगा विश्व पंजाबी सम्मेलन
दरअसल, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 23 अक्टूबर को खुद बताया था कि उन्हें 27 नवंबर को लाहौर में होने वाले विश्व पंजाबी सम्मेलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। मान ने तब यह भी कहा था कि उन्हें नहीं पता कि उन्हें पाकिस्तान जाने की अनुमति मिलेगी या नहीं। मान ने कहा था, "हमारी संस्कृति एक ही है। यहां से कई कवि वहां जाएंगे।" उनके इस बयान को पंजाब की साझा संस्कृति, भाषा और विरासत से जोड़कर देखा गया। पंजाब दोनों तरफ बंटा हुआ है, लेकिन भाषा, खान-पान, संगीत और साहित्य आज भी दोनों को जोड़ता है। इसी वजह से इस सम्मेलन को काफी अहम माना जा रहा है।
करतारपुर साहिब को लेकर भी कही थी बड़ी बात
भगवंत मान ने सिर्फ लाहौर सम्मेलन की बात नहीं की थी। उन्होंने यह इच्छा भी जताई थी कि अगर करतारपुर गलियारा फिर से खुलता है, तो पंजाब विधानसभा के सभी विधायक एक साथ पाकिस्तान स्थित करतारपुर साहिब के दर्शन करने जाएं। करतारपुर कॉरिडोर भारत के पंजाब में डेरा बाबा नानक को पाकिस्तान के करतारपुर में स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब से जोड़ता है। यह गुरुद्वारा सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी से जुड़ा है। इस कॉरिडोर के जरिए भारतीय श्रद्धालु बिना वीजा के गुरुद्वारे के दर्शन कर सकते थे।लेकिन यह कॉरिडोर 7 मई 2025 से बंद है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए थे। इसके बाद से भारतीय पक्ष से श्रद्धालुओं का आवागमन रुका हुआ है।
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पाकिस्तान बोला- श्रद्धालुओं के स्वागत को तैयार
पाकिस्तान ने कहा है कि जैसे ही प्रतिबंध हटेंगे, वह श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तैयार है। विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान सभी धर्मों के श्रद्धालुओं का स्वागत करता है और धार्मिक स्थलों की यात्रा को आसान बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जानकारी दी कि पाकिस्तान ने 2025 में भारतीय धार्मिक श्रद्धालुओं को 9,000 से अधिक वीजा दिए, जिनमें सिख और हिंदू श्रद्धालु शामिल थे। इस साल की पहली छमाही में ही सिख श्रद्धालुओं को 4,000 से अधिक अतिरिक्त वीजा जारी किए गए।
खान ने कहा कि पाकिस्तान इस महीने के अंत में बाबा गुरु नानक देव जी की 557वीं जयंती के मौके पर ननकाना साहिब में बड़ी संख्या में सिख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद कर रहा है। उन्होंने बताया कि करतारपुर कॉरिडोर के जरिए रोजाना 5,000 से अधिक श्रद्धालु दर्शन करके उसी दिन वापस लौट सकते थे। उन्होंने 1974 के धार्मिक स्थलों की यात्रा प्रोटोकॉल का भी जिक्र किया, जो दोनों देशों के बीच धार्मिक यात्राओं का आधार है। साथ ही उन्होंने कहा कि पाकिस्तान तक्षशिला और तख्त-ए-बाही जैसे बौद्ध विरासत स्थलों को बचाने के लिए विशेष टास्क फोर्स बना रहा है।
