ओडिशा के राउरकेला शहर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। बिसरा थाना क्षेत्र के संतोषपुर इलाके में एक 27 वर्षीय युवती पर कथित तौर पर एक युवक ने घर में घुसकर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी। गंभीर रूप से झुलसी युवती को बेहतर इलाज के लिए 200 किलोमीटर दूर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां भी बेड नहीं मिलने के कारण परिजनों को उसे वापस राउरकेला लाना पड़ा।
पुलिस के अनुसार, घटना शनिवार तड़के की है। युवती अपने घर के कमरे में सो रही थी, तभी आरोपी कथित तौर पर घर में घुसा और उस पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी। चीख-पुकार सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तथा काफी मशक्कत के बाद आग बुझाकर युवती को बाहर निकाला।
70 प्रतिशत तक झुलसी महिला
हमले में युवती करीब 60 से 70 प्रतिशत तक झुलस गई। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए पहले राउरकेला सरकारी अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया। बाद में डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए वीमसार (VIMSAR), बुर्ला रेफर कर दिया।
200 किमी भटकने के बाद भी नहीं मिला अस्पताल में बेड
परिजनों का आरोप है कि करीब 200 किलोमीटर का सफर तय कर बुर्ला पहुंचने के बावजूद अस्पताल में गंभीर रूप से झुलसी युवती के लिए बेड उपलब्ध नहीं कराया गया। मजबूरन उन्हें उसे वापस राउरकेला लाना पड़ा। फिलहाल पीड़िता का इलाज शहर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है, जहां उसकी हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।
राउरकेला पुलिस ने शुरू की जांच
घटना के बाद राउरकेला पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह कोई हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित आगजनी का मामला प्रतीत हुआ। वैज्ञानिक साक्ष्यों, तकनीकी विश्लेषण और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले के हर पहलू की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि घटना के पीछे के मकसद और आरोपी की पूरी भूमिका की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने महिलाओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। गंभीर रूप से झुलसी पीड़िता को समय पर अस्पताल में बेड नहीं मिलने को लेकर भी स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं, पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले में दोषी के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
