Tejasvi Surya : स्पेस X के सीईओ एलन मस्क के बयान के बाद स्टारलिंक को भारत में लाइसेंस मिलने का मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने शुक्रवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर दोहरा रुख अपनाने का आरोप लगाया। सूर्या ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि पिछले साल जब स्टारलिंक के भारत आने की चर्चा चल रही थी, तब कांग्रेस ने इसका विरोध किया था। उनके मुताबिक पार्टी का आरोप था कि यह कदम प्रधानमंत्री के करीबी कारोबारियों को फायदा पहुंचाने के लिए उठाया जा रहा है। साथ ही कांग्रेस ने राष्ट्रीय सुरक्षा का सवाल भी उठाया था।
सूर्या का कहना है कि अब राहुल गांधी स्टारलिंक की एंट्री की वकालत कर रहे हैं। उन्होंने इसे पार्टी के पुराने रुख से पूरी तरह पलटना बताया और कहा कि कांग्रेस अपनी ही सुरक्षा संबंधी दलीलें भूल गई है।
जयचंद का हवाला दिया
सूर्या ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी भारतीय कंपनियों को चुनौती देने के लिए विदेशी हितों का साथ दे रहे हैं। उन्होंने इसकी तुलना इतिहास के पात्र जयचंद से की और कहा कि ऐसे फैसलों की कीमत देश को पहले भी चुकानी पड़ी है। अपनी पोस्ट के अंत में उन्होंने सवाल किया कि क्या राहुल गांधी सिर्फ मोदी का विरोध करने के लिए भारत का विरोध करेंगे।
भाजपा नेताओं की प्रतिक्रियाएं
भाजपा नेता जयवीर शेरगिल ने भी तंज कसा। उनका कहना था कि विपक्ष कभी लाइसेंस देने को देशहित के खिलाफ बताता है और कभी न देने को भारतीय कारोबारियों को बचाना कहता है। उन्होंने इसे विपक्ष की रणनीति में तालमेल की कमी बताया। पूर्व केंद्रीय मंत्री और केरल के विधायक राजीव चंद्रशेखर ने मस्क के उस आरोप पर जवाब दिया कि निहित स्वार्थ लाइसेंस रोक रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की तकनीकी नीति तीन सिद्धांतों पर टिकी है: खुली प्रतिस्पर्धा, भरोसेमंद और सुरक्षित ढांचा, और हर भागीदार की जवाबदेही।
'तीनों सैटकॉम लाइसेंसधारी लगभग एक ही चरण में हैं'
चंद्रशेखर के अनुसार सरकार ने साफ किया है कि तीनों सैटकॉम लाइसेंसधारी लगभग एक ही चरण में हैं। पहले सुरक्षा जांच होगी, उसके बाद स्पेक्ट्रम का मामला आएगा। उन्होंने कहा कि सैटेलाइट वॉइस और एन्क्रिप्शन से सुरक्षा चुनौतियां बढ़ती हैं, खासकर भारत जैसे देश के लिए जिसने आतंकवाद झेला है। उन्होंने 26/11 और पहलगाम हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि आतंकी सैटेलाइट संचार को प्राथमिकता देते रहे हैं। उन्होंने खुद स्टारलिंक इस्तेमाल करने की बात कही और इसे बेहतरीन तकनीक बताया, लेकिन जोर दिया कि देश को अपने हित पहले देखने होंगे और इस मामले में धैर्य जरूरी है।
कार्ति चिदंबरम ने किया पलटवार
इसी बीच कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम ने कहा कि राहुल गांधी की टिप्पणी मस्क का समर्थन नहीं थी। उनके अनुसार वह व्यंग्य था, जिसने केंद्र की कथित 'मोनोपॉली' को उजागर किया। मस्क और राहुल गांधी के बीच हुई इस बातचीत की दोनों तरफ से आलोचना हो रही है। स्टारलिंक के लाइसेंस पर सरकार का अंतिम फैसला अभी लंबित है।
