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श्रीहरिकोटा में छाए हैं बादल, क्या चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग पर होगा असर, जानिए मौसम अपडेट LIVE

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Jul 14, 2023, 09:35 AM IST

चंद्रयान मिशन को आज 14 जुलाई दोपहर 2.35 बजे श्रीहरिकोटा के स्पेसपोर्ट से लॉन्च व्हीकल मार्क 3 (LVM3) पर लॉन्च किया जाएगा। जानिए कैसा रहेगा यहां मौसम।

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Chandrayaan 3

Photo : PTI

Chandrayaan-3 Launching: इसरो आज चंद्रयान-3 लॉन्च करने जा रहा है। इसलिए श्रीहरिकोटा के मौसम पूर्वानुमान पर कड़ी नजर रखी जा रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, तटीय आंध्र क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि, तिरुपति जिले में केवल हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। यहां भारी बारिश की संभावना नहीं है।

आज दोपहर 2:30 बजे के आसपास सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के आसमान में ज्यादातर बादल छाए रहने की उम्मीद है। संभावित प्रक्षेपण के समय तापमान 29°C रहने का अनुमान है। ऐसा लगता है कि बादल छाए रहने के कारण दर्शकों को टेकऑफ देखने में दिक्कत होगी। हालांकि, उच्च रिजॉल्यूशन वाले कैमरे से भारत के ऐतिहासिक चंद्रमा मिशन के नजारे को कैद किया जा सकेगा।

यहां देख सकते हैं लाइव

14 जुलाई को दोपहर 2 बजे से आप भी लाइव लॉन्च देख सकते हैं जिसके लिए इसरो की वेबसाइट http://isro.gov.in पर जाना होगा। इसके अलावा यूट्यूब, फेसबुक और डीडी नेशनल पर भी ये लॉन्च लाइव देखा जा सकता है।

चंद्रयान मिशन को आज 14 जुलाई दोपहर 2.35 बजे श्रीहरिकोटा के स्पेसपोर्ट से लॉन्च व्हीकल मार्क 3 (LVM3) पर लॉन्च किया जाएगा। 2019 में चंद्रयान -2 मिशन में सॉफ्ट लैंडिंग के दौरान चुनौतियों का सामना करने के बाद यह इसरो की एक और बड़ी कोशिश होगी। पिछली बार विक्रम चंद्र लैंडर के शुरुआती घंटों के दौरान चंद्रमा पर दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद यह मिशन विफल हो गया था।

भारत का ये महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट अगर सफर रहा तो देश अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक लंबी छलांग लगाएगा। चंद्रयान-3 के लिए रॉकेट असेंबली पूरी हो चुकी है और इसरो के लिए केवल अंतिम दौर का परीक्षण बाकी है। अंतरिक्ष विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, अंतरिक्ष यान पूरी तरह से एकीकृत है और पेलोड का काम भी पूरा हो चुका है। लॉन्च व्हीकल को वाहन असेंबली भवन से दूसरे लॉन्चपैड पर ले जाने सहित सभी काम पूरे हो चुके हैं।

मिशन की अहम बातें जानिए

  • चंद्रयान-3 में एक स्वदेशी लैंडर मॉड्यूल, एक प्रोपल्शन मॉड्यूल और एक रोवर शामिल है।
  • इसका उद्देश्य अंतरग्रहीय मिशनों के लिए जरूरी नई तकनीकों का विकास और प्रदर्शन करना है।
  • लैंडर में एक निर्दिष्ट चंद्र स्थल पर सॉफ्ट लैंडिंग करने और रोवर को तैनात करने की क्षमता होगी, जो चलने के दौरान चंद्र सतह का इन-सीटू रासायनिक विश्लेषण करेगा।
  • लैंडर और रोवर के पास चंद्र सतह पर प्रयोग करने के लिए वैज्ञानिक पेलोड होंगे।
  • चंद्रयान-3 को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया जाएगा।
  • प्रोपल्शन मॉड्यूल लैंडर और रोवर कॉन्फिगरेशन को 100 किमी चंद्र कक्षा तक ले जाएगा।
  • रॉकेट की असेंबली इसरो के बेंगलुरु स्थित यूआर राव सैटेलाइट सेंटर (यूआरएससी) में की गई, जिसके बाद इसे लॉन्च के लिए श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष बंदरगाह भेजा गया।
  • भारत का चंद्रयान कार्यक्रम इसरो द्वारा बाहरी अंतरिक्ष मिशन की एक सतत श्रृंखला है। पहला चंद्रमा रॉकेट चंद्रयान -1 साल 2008 में लॉन्च किया गया था और सफलतापूर्वक चंद्रमा की कक्षा में स्थापित किया गया था।
  • चंद्रयान -2 को 2019 में सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया और चंद्रमा की कक्षा में स्थापित किया गया, लेकिन 6 सितंबर, 2019 को एक सॉफ्टवेयर गड़बड़ी के कारण उतरने का प्रयास करते समय इसका लैंडर चंद्रमा की सतह पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

इस बार का मिशन

चंद्रयान-3 मिशन चंद्र रेजोलिथ के थर्मोफिजिकल गुणों, चंद्र भूकंपीयता, चंद्र सतह प्लाज्मा वातावरण और लैंडर के उतरने के स्थल के आसपास के क्षेत्र में मौलिक संरचना का अध्ययन करने के लिए वैज्ञानिक उपकरण ले जाएगा। इसरो के अधिकारियों के अनुसार, लैंडर और रोवर पर इन वैज्ञानिक उपकरणों का दायरा जहां चंद्रमा के विज्ञान थीम में फिट होगा, वहीं एक अन्य प्रायोगिक उपकरण चंद्र कक्षा से पृथ्वी के स्पेक्ट्रो-पोलरिमेट्रिक सिग्नेचर का अध्ययन करेगा, जो चंद्रमा से विज्ञान थीम में फिट होगा।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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