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विजय ने किया दुल्हनों को गोल्ड देने का वादा....तमिलनाडु के घरों में अमेरिकी खजाने जितना सोना, आखिर क्यों इतनी दीवानगी?

दरअसल, भारत में सोना सिर्फ एक धातु नहीं, बल्कि निवेश, परंपराओं और भविष्य की सुरक्षा की गारंटी माना जाता है। शादी-ब्याह हो, त्योहार हो या फिर कोई खास अवसर, सदियों से सोने की खरीदारी भारतीय संस्कृति का अहम हिस्सा रही है।

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सोने की प्रति दीवानगी (AI Image)

Tamil Nadu Gold: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में इस बार एक्टर विजय की पार्टी ने भी ताल ठोकी है। उन्होंने कई ताबड़तोड़ रैलियां कीं और वादों की झड़ी लगा दी। एक्टर विजय ने जो वादे किए हैं उनमें से विशेष रूप से महिला केंद्रित योजनाओं पर जोर दिया गया ताकि उनकी पार्टी को समर्थन मिल सके। उनके वादे कुछ हद तक महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और बिहार के विधानसभा चुनावों में राजनीतिक दलों द्वारा किए गए वादों से मिलते-जुलते हैं। उनका सबसे खास वादा है हर दुल्हन को 8 ग्राम सोना देने की योजना। विजय के इस वादे ने हर किसी का ध्यान खींचा है। जानकारी के लिए बता दें कि तमिलनाडु के घरों में अथाह सोना है, लेकिन क्या है इस दीवानगी की वजह।

सोना सिर्फ एक धातु नहीं...

दरअसल, भारत में सोना सिर्फ एक धातु नहीं, बल्कि निवेश, परंपराओं और भविष्य की सुरक्षा की गारंटी माना जाता है। शादी-ब्याह हो, त्योहार हो या फिर कोई खास अवसर, सोने की खरीदारी भारतीय संस्कृति का अहम हिस्सा रही है। ये परंपरा सदियों से चली आ रही है। महिलाओं के लिए सोने के गहने आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार रहा है। यही वजह है कि भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है, जहां हर घर में निजी स्तर पर सबसे ज्यादा सोना रखा जाता है। हाल ही में World Gold Council की एक रिपोर्ट ने बताया था कि तमिलनाडु की महिलाओं के पास इतना सोना है कि वह कई बड़े देशों के खजाने के बराबर है।

तमिलनाडु की महिलाओं के पास अथाह सोना

तमिलनाडु की महिलाओं के पास इतनी बड़ी मात्रा में सोना है, जो कई विकसित देशों के गोल्ड रिजर्व को टक्कर देता है। रिपोर्ट के मुताबिक, तमिलनाडु के घरों में करीब 6,720 टन सोना मौजूद है। वहीं, अमेरिका के पास करीब 8,000 टन सोना है, लेकिन वह सरकार के पास सुरक्षित है। तमिलनाडु में यह सोना आम लोगों, खासकर महिलाओं ने अपने घरों-बैंकों में रखा है।

सोने की दीवानगी

सोने की दीवानगी

भारतीय महिलाओं के पास कितना सोना?

अगर पूरे भारत की बात करें तो महिलाओं के पास कुल मिलाकर लगभग 24,000 टन सोना है। यह दुनिया के कुल सोने का लगभग 11 प्रतिशत है। इसमें सबसे बड़ा योगदान दक्षिण भारत की महिलाओं का है, जिनके पास कुल सोने का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा है। इसमें भी तमिलनाडु सबसे आगे है, जिसका योगदान लगभग 28 प्रतिशत है।

क्यों इतनी दीवानगी?

दरअसल, तमिलनाडु में सोना सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि परंपरा और संस्कृति का हिस्सा है। यहां बेटी के जन्म से ही उसके लिए सोना जमा करना शुरू कर दिया जाता है। शादी के समय दुल्हन को भारी मात्रा में सोने के गहने पहनाना यहां की परंपरा का हिस्सा माना जाता है। दीपावली और पोंगल जैसे त्योहारों पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है। इन्हीं वजहों से यहां सोने की मांग हमेशा बनी रहती है और जमकर इसकी खरीदारी होती है। किसी भी शादी में आप दुल्हन को भारी-भरकम सोने के गहनों में लदा देख सकते हैं। तमिलनाडु के लोग सोने को ऐसे निवेश के रूप में देखते हैं जो मुसीबत में कभी भी काम आ सकता है। जरूरत पड़ने पर इसे गिरवी रखकर या बेचकर पैसे लिए जा सकते हैं। यहां लोग बैंक या शेयर बाजार से ज्यादा भरोसा सोने पर करते हैं क्यों इससे तुरंत नकदी मिल जाती है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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