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CJP 2.O प्रदर्शन में क्यों शामिल नहीं हो रहे सोनम वांगचुक, शायराना अंदाज में बताई वजह

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाए जाने की मांग को लेकर सीजेपी शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर प्रदर्शन करने वाली है। इस प्रदर्शन में खुद के शामिल नहीं होने की उन्होंने वजह बताई है। वांगचुक इस समय लद्दाख में हैं।

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सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक।

Photo : PTI

Sonam Wangchuk : समाजसेवी एवं पर्यावरणविद सोनम वांगचुक इस बार कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में शामिल नहीं हो रहे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाए जाने की मांग को लेकर सीजेपी शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर प्रदर्शन करने वाली है। इस प्रदर्शन में खुद के शामिल नहीं होने की उन्होंने वजह बताई है। वांगचुक इस समय लद्दाख में हैं। उन्होंने एक वीडियो के साथ X पर अपना संदेश साझा किया, जिसमें प्रदर्शन में न आ पाने की उन्होंने अपनी वजह बताई है।

राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए काम करता रहूंगा-वांगचुक

वांगचुक ने लिखा कि सरकार की ओर से उनके काम में बाधा डालने और उसे नुकसान पहुंचाने की तमाम कोशिशों के बावजूद वे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए काम करते रहेंगे। उनके मुताबिक, एक और सर्दी आने वाली है और उसी की तैयारियों में वे जुटे हैं। उन्होंने बताया कि इन तैयारियों में जल सुरक्षा के लिए कृत्रिम ग्लेशियर बनाना और ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) से सुरक्षा के प्रयोग शामिल हैं। वांगचुक ने कहा कि इनका मकसद ऊंचे हिमालय में मौजूद 200 से अधिक 'टिक-टिक करते पानी के बमों' को निष्क्रिय करना है।

फैज अहमद फैज की पंक्तियां पढ़ीं

अपने संदेश में मशहूर शायर फैज अहमद फैज की मशहूर पंक्तियों को पढ़ते हुए उन्होंने कहा, 'और भी गम हैं जमाने में सियासत के सिवा, राहतें और भी हैं वस्ल की राहत के सिवा।' उन्होंने कहा कि दुनिया में राजनीति और शासन के अलावा भी चिंताएं और सुकून हैं। इसी के साथ वांगचुक ने सभी को शुभकामनाएं दीं और अलग-अलग समूहों के नेताओं से एकजुट रहने और राजनेता जैसी परिपक्वता दिखाने की अपील की। उन्होंने जेन-जी युवाओं से भी हर हाल में पूरी तरह शांतिपूर्ण रहने का आग्रह किया। उन्होंने इसे 'बापू का तोहफा' बताया, जिसे वे जून में जंतर-मंतर लेकर आए थे, और उम्मीद जताई कि बापू को निराश नहीं किया जाएगा।

धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री पद से हटना पड़ा

गौरतलब है कि जून में हुए प्रदर्शनों में वांगचुक प्रमुख चेहरा थे। ये प्रदर्शन तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर थे। वांगचुक के उपवास ने प्रदर्शनकारियों को एकजुट किया और देश भर से लोग जंतर-मंतर पहुंचे। स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर जब अधिकारियों ने उन्हें वहां से हटाया, तब आंदोलन ने और जोर पकड़ा। आखिरकार प्रधान को अपना पद छोड़ने के लिए बाध्य होना पड़ा।

दिल्ली में व्यापक सुरक्षा

दिल्ली पुलिस ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP के जंतर-मंतर पर 10 अक्तूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी है। उसने राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए हैं जिसके तहत 25 हजार सुरक्षाकर्मियों को तैनात करने के साथ-साथ 45 मेट्रो स्टेशन और मोबाइल इंटरनेट बंद करना, सीमावर्ती स्थलों, बस टर्मिनल, होटलों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर जांच करना शामिल है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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