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अगला उपराष्ट्रपति कौन, आज हो जाएगा फैसला; जानिए जीत के लिए क्या है NDA और INDIA की रणनीति

मंगलवार को लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य यह तय करेंगे कि सी. पी. राधाकृष्णन या बी. सुदर्शन रेड्डी में से कौन देश का अगला उपराष्ट्रपति बनेगा। राधाकृष्णन, सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार हैं, जबकि रेड्डी विपक्ष के संयुक्त प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में हैं। उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान 9 सितंबर, मंगलवार को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक होगा।

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उपराष्ट्रपति चुनाव में क्या है जीत का समीकरण

देश के 17वें उपराष्ट्रपति चुनाव में मंगलवार, 9 सितंबर को लोकसभा और राज्यसभा के सांसद तय करेंगे कि अगला उपराष्ट्रपति राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन होंगे या विपक्ष के साझा उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी। मतदान सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संसद भवन के कमरा संख्या F-101 (वसुधा) में होगा, और देर शाम तक परिणाम आने की संभावना है।

NDA की "मैन-टू-मैन मार्किंग" रणनीति

सांसदों को राज्य/क्षेत्र के अनुसार समूहों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक समूह के लिए एक वरिष्ठ मंत्री को "प्रभारी" नियुक्त किया गया है। सांसद सुबह 8 बजे अपने प्रभारी मंत्री के आवास पर नाश्ते के लिए इकट्ठा होंगे और फिर मतदान के लिए एक साथ संसद जाएंगे।

  • उत्तर प्रदेश के सांसद - पीयूष गोयल का आवास
  • दक्षिण भारत के सांसद - प्रहलाद जोशी का आवास
  • मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के सांसद - शिवराज सिंह चौहान का आवास
  • उत्तर भारत के सांसद (जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, उत्तराखंड) - मनोहर लाल खट्टर का आवास
  • राजस्थान के सांसद - अर्जुन मेघवाल का आवास
  • गुजरात के सांसद - मनसुख मंडाविया का आवास
  • बिहार और झारखंड के सांसद - नित्यानंद राय का आवास
  • महाराष्ट्र के सांसद - भूपेंद्र यादव का आवास
  • पश्चिम बंगाल और ओडिशा के सांसद - धर्मेंद्र प्रधान का आवास
  • पूर्वोत्तर के सांसद - किरेन रिजिजू का आवास

विपक्ष ने दिखाई एकजुटता

विपक्ष के सांसदों ने उपराष्ट्रपति चुनाव से एक दिन पहले सोमवार को एकजुटकता प्रकट करते हुए बैठक की और ‘मॉक’ (प्रतीकात्मक) मतदान में हिस्सा लिया ताकि मंगलवार को मतदान के बाद उनका एक-एक वोट वैध करार हो। विपक्षी नेताओं ने ‘संविधान सदन’ के केंद्रीय कक्ष में बैठक कर अपनी रणनीति पर चर्चा की। बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के प्रमुख शरद पवार और कई अन्य दलों के सांसद शामिल हुए। सूत्रों ने बताया कि विपक्ष ने यह फैसला भी किया कि उपराष्ट्रपति चुनाव में कांग्रेस सांसद सैयद नासिर हुसैन और मणिकम टैगोर तथा तृणमूल कांग्रेस की सांसद शताब्दी रॉय विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी के पोलिंग एजेंट होंगे तथा कांग्रेस सांसद शक्ति सिंह गोहिल एवं टैगोर मतगणना एजेंट होंगे। उन्होंने कहा कि विपक्षी सांसदों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि उनका वोट बर्बाद न हो, क्योंकि पिछली बार कुछ वोट अवैध घोषित कर दिए गए थे। संसद सदस्य उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान करने के लिए पार्टी व्हिप से बाध्य नहीं हैं तथा इसमें गुप्त मतदान प्रणाली होती है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के हनुमान बेनीवाल और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के चंद्रशेखर आजाद ने सोमवार को विपक्ष के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी से मुलाकात की और चुनाव के लिए उन्हें अपना समर्थन दिया।

दक्षिण भारत से हैं दोनों प्रत्याशी

इस बार दिलचस्प बात यह है कि दोनों उम्मीदवार दक्षिण भारत से ताल्लुक रखते हैं। सी.पी. राधाकृष्णन तमिलनाडु से आते हैं, ओबीसी समुदाय से हैं और आरएसएस की पृष्ठभूमि वाले वरिष्ठ भाजपा नेता हैं। वे महाराष्ट्र के वर्तमान राज्यपाल हैं और दो बार कोयंबटूर से सांसद रह चुके हैं। बी. सुदर्शन रेड्डी तेलंगाना से हैं और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश रह चुके हैं। वह गोवा के लोकायुक्त भी रह चुके हैं और कई संवेदनशील मामलों पर ऐतिहासिक फैसले दे चुके हैं।

क्यों हो रहा है यह चुनाव?

यह चुनाव अचानक तब जरूरी हो गया जब मौजूदा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपना पद त्याग दिया, जबकि उनका कार्यकाल अभी दो साल और बाकी था। उनके इस्तीफे के कारण यह विशेष चुनाव कराया जा रहा है।

कौन किसे समर्थन दे रहा है?

आंकड़ों के लिहाज से राधाकृष्णन का पलड़ा भारी माना जा रहा है क्योंकि राजग को स्पष्ट बहुमत प्राप्त है। हालांकि, विपक्ष इसे वैचारिक लड़ाई बता रहा है। बी. सुदर्शन रेड्डी ने कहा है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति का चुनाव नहीं, बल्कि "भारत की भावना" का सवाल है। AIMIM ने रेड्डी को समर्थन दिया है। बीजू जनता दल (BJD) और बीआरएस ने वोटिंग में भाग न लेने का फैसला किया है। दोनों पक्षों ने मतदान से एक दिन पहले अपने सांसदों के लिए 'मॉक वोटिंग' का आयोजन किया ताकि वोटों को वैध बनाए रखा जा सके। पिछली बार कई वोट अवैध घोषित हुए थे।

सी.पी. राधाकृष्णन कौन हैं?

तमिलनाडु की गौंडर जाति से आते हैं

आरएसएस पृष्ठभूमि वाले नेता

1998 और 1999 में कोयंबटूर से लोकसभा सदस्य

2023 में झारखंड के राज्यपाल, 2024 में महाराष्ट्र स्थानांतरित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हालिया बैठक में उनकी सादगी और जनसेवा के प्रति समर्पण की सराहना की

पीएम ने कहा था, “राधाकृष्णन खेलों में रुचि रखते हैं, लेकिन राजनीति में खेल नहीं खेलते”

बी. सुदर्शन रेड्डी कौन हैं?

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज, 2011 में सेवानिवृत्त

सलवा जुडूम के खिलाफ ऐतिहासिक फैसला देकर उसे असंवैधानिक घोषित किया

विदेशी बैंकों में अवैध धन के मामले में SIT गठन का आदेश दिया

गोवा के लोकायुक्त, हैदराबाद के अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र के न्यासी

हाल ही में गृह मंत्री अमित शाह ने उनके फैसलों की आलोचना की थी, जिसका रेड्डी ने कानूनी तथ्यों के साथ जवाब दिया

संसद का गणित

इस बार मतदान में हिस्सा लेने वाले निर्वाचक मंडल में:

राज्यसभा के 233 निर्वाचित सदस्य (5 सीटें रिक्त)

राज्यसभा के 12 मनोनीत सदस्य

लोकसभा के 543 निर्वाचित सदस्य (1 सीट रिक्त)

कुल मिलाकर 788 में से 781 सांसद मतदान के पात्र हैं

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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