प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के फायरब्रांड नेता हों, हिंदू ह्रदय सम्राट माने जाते हों और पार्टी में अच्छी-खासी स्वीकार्यता रखते हों, मगर इसके बाद भी दक्षिण भारत में बीजेपी की जमीन उस कदर मजबूत नहीं हो पाई है। विपक्षी गठजोड़ इंडिया के मुकाबले बीजेपी का जनाधार वहां फिलहाल कमजोर ही है। बुधवार (13 दिसंबर, 2023) को इस बात के संकेत टाइम्स नाऊ नवभारत-ईटीजी के ओपीनियन पोल के जरिए मिले।
सर्वे के मुताबिक, आंध्र प्रदेश में लोकसभा की 25, कर्नाटक में 28, केरल में 20 और तमिलनाडु में 39 सीटें हैं। चारों सूबों की सीटों का कुल योग 112 होता है। अगर आज वहां चुनाव होते हैं तब इन सीटों में 59 सीटें इंडिया गठजोड़ हासिल कर सकता है, जबकि 30 सीटें अन्य (एआईएडीएमके, वाईएसआर और टीडीपी) के खाते में और 23 सीटें एनडीए के पाले में जा सकती हैं।
यही नहीं, कुछ ऐसा ही ट्रेंड पश्चिम बंगाल में भी दिख सकता है। पोल की मानें तो वहां की 42 लोकसभा सीटों में 24 सीटें इंडिया गठबंधन और एनडीए को 18 सीट हासिल होने की संभावना है। वहीं, अन्य का खाता खोलना भी मुश्किल सा लगता है। हालांकि, ऐसा जरूरी नहीं है कि इस तरह के सर्वे हमेशा सही ही साबित हों। पूर्व में इस तरह के ओपीनियन पोल गलत भी साबित हुए हैं।
