पिता की हत्या कर गद्दी पर बैठने वाला साम्राज्य, जो कहलाता है पितृहन्ता वंश; कभी मगध पर था राज

What is Patricidal Dynasty: भारत में एक से एक साम्राज्य हुए, जहां वीर से वीर और अयोग्य राजा भी गद्दी पर आसीन हुए, लेकिन भारत के सबसे समृद्ध साम्राज्य में से एक मगध पर एक ऐसे वंश का भी शासन रहा, जिसका इतिहास पिता की हत्या कर गद्दी पर बैठने वाला रहा है। मगध साम्राज्य की स्थापना का श्रेय भी इसी वंश को जाता है। इस वंश का नाम है- हर्यक वंश, जिसे पितृहन्ता वंश के नाम से भी जाना जाता है। भारत के पितृहन्ता वंश के तौर पर हर्यक वंश का ही नाम सामने आता है। हर्यक वंश (लगभग 544 ईसा पूर्व - 412 ईसा पूर्व) मगध पर शासन करने वाला पहला शक्तिशाली राजवंश था, जिसकी स्थापना बिम्बिसार ने की थी।

Authored by: शिशुपाल कुमारUpdated Dec 16 2025, 14:43 IST
क्या होता है पितृहन्ता वंश? What is a patricidal lineage?Image Credit : Copilot & Socio Pulse AI01 / 07

क्या होता है पितृहन्ता वंश? What is a patricidal lineage?

'पितृहन्ता' का अर्थ है 'पिता का हत्यारा', पितृहन्ता वंश (Haryanka Dynasty) वह राजवंश कहा जाता है, जिसके शासकों ने सत्ता हासिल करने के लिए अपने पिताओं की हत्या की। इस वंश में पिता-पुत्र के बीच सत्ता का यह क्रूर चक्र चलता रहता है।

 भारत का पितृहन्ता वंश कौन है? Which is the patricidal dynasty of India?Image Credit : Copilot & Socio Pulse AI02 / 07

भारत का पितृहन्ता वंश कौन है? Which is the patricidal dynasty of India?

भारतीय इतिहास में अन्य वंशों में भी पितृहन्ता शासक हुए, कई राजाओं ने पिता की हत्या करके गद्दी पाई, लेकिन 'पितृहन्ता वंश' विशेष रूप से हर्यक वंश के लिए प्रयोग होता है। हर्यक वंश के कई राजाओं ने अपने पिता की हत्या करके ही राजगद्दी पाई थी। यही कारण है कि कि हर्यक वंश को पितृहन्ता वंश कहा जाता है।

हर्यक वंश क्यों कहलाया पितृहन्ता वंश? Why was the Haryanka dynasty called the patricidal dynasty?Image Credit : Copilot & Socio Pulse AI03 / 07

हर्यक वंश क्यों कहलाया पितृहन्ता वंश? Why was the Haryanka dynasty called the patricidal dynasty?

हर्यक वंश को 'पितृहन्ता वंश' इसलिए कहा जाता है, क्योंकि इस वंश के शासकों, विशेषकर अजातशत्रु और उसके बाद के राजाओं ने सत्ता हासिल करने के लिए अपने पिताओं की हत्या की थी, जिसमें बिम्बिसार (अजातशत्रु के पिता) और बाद में उदायिन (अजातशत्रु के पिता) शामिल थे, और यह प्रवृत्ति वंश की पहचान बन गई थी, जिससे यह पितृ-हत्या की परंपरा के लिए जाना जाने लगा।

हर्यक वंश की स्थापना किसने की थी? Who founded the Haryanka dynasty?Image Credit : Copilot & Socio Pulse AI04 / 07

हर्यक वंश की स्थापना किसने की थी? Who founded the Haryanka dynasty?

हर्यक वंश की स्थापना 544 ईसा पूर्व में बिम्बिसार द्वारा की गई थी। यह वंश नागवंश की एक उपशाखा माना जाता है और एक क्षत्रिय वंश था। हर्यक वंश के शासनकाल में ही मगध का राजनीतिक शक्ति के रूप में प्रथम बार संगठित उदय हुआ। इसी कारण बिम्बिसार को मगध साम्राज्य का वास्तविक संस्थापक माना जाता है। उन्होंने गिरिव्रज (राजगृह) को मगध की राजधानी बनाया।

कितना शक्तिशाली था हर्यक वंश? How powerful was the Haryanka dynasty?Image Credit : Copilot & Socio Pulse AI05 / 07

कितना शक्तिशाली था हर्यक वंश? How powerful was the Haryanka dynasty?

हर्यक वंश को पितृहन्ता वंश के रूप में जाना जाता है। यह एक अत्यंत शक्तिशाली साम्राज्य था, जिसने लगभग 684 ईसा पूर्व से 320 ईसा पूर्व तक भारतवर्ष के बड़े हिस्से पर शासन किया। महाकाव्य परंपरा के अनुसार बृहद्रथ ने मगध की नींव रखी थी, लेकिन हर्यक वंश के शासक बिम्बिसार ने मगध का वास्तविक विस्तार और सुदृढ़ीकरण किया। प्राचीन काल का वही मगध आज के बिहार के रूप में जाना जाता है, जिसका विस्तार वर्तमान पटना, गया, नालंदा, औरंगाबाद तथा आसपास के क्षेत्रों तक फैला हुआ था।

हर्यक वंश में कितने राजा? How many kings were there in the Haryanka dynasty?Image Credit : Copilot & Socio Pulse AI06 / 07

हर्यक वंश में कितने राजा? How many kings were there in the Haryanka dynasty?

हर्यक वंश (लगभग 544 से 413 ईसा पूर्व) में कुल सात शासक हुए। इस वंश के प्रमुख राजाओं में संस्थापक बिम्बिसार, अजातशत्रु और उदयन शामिल थे। हर्यक वंश का अंतिम शासक नागदशक था, जिसे अपदस्थ कर शिशुनाग वंश की स्थापना की गई।

 हर्यक वंश से पहले मगध में किसका शासन था? Who ruled Magadha before the Haryanka dynasty?Image Credit : Copilot & Socio Pulse AI07 / 07

हर्यक वंश से पहले मगध में किसका शासन था? Who ruled Magadha before the Haryanka dynasty?

हर्यक वंश से पहले मगध पर प्रद्योत राजवंश और उससे भी पहले बृहद्रथ वंश का शासन था, हालांकि बृहद्रथ वंश के बारे में ऐतिहासिक प्रमाण कम मिलते हैं और हर्यक वंश को मगध का पहला वास्तविक और प्रमुख शासक वंश माना जाता है, जिसकी स्थापना बिम्बिसार ने की थी।

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