देश

Women Reservation Amendment Bill तो पास नहीं हुआ, बाकी 2 और बिलों का क्या हुआ? जिसमें परिसीमन विधेयक भी था शामिल

महिला आरक्षण संशोधन विधेयक (Women Reservation Amendment Bill) लोकसभा (Lok Sabha) में तो पास नहीं हो सका, लेकिन इसी के साथ दो और विधेयक- 'परिसीमन विधेयक, 2026’ और 'संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ आया था, उसका क्या हुआ?

Image

लोकसभा में पास नहीं हो पाया महिला आरक्षण संशोधन विधेयक (फोटो- संसद टीवी)

शुक्रवार को लोकसभा (Lok Sabha) में महिला आरक्षण संसोधन विधेयक (Women Reservation Amendment Bill) पास नहीं हो सका है। मोदी सरकार के लाख प्रयास के बाद भी विपक्ष से इस बिल को सपोर्ट नहीं मिला और जरूरत मत प्राप्त नहीं कर सका। महिला संशोधन विधेयक के साथ-साथ दो और बिल सरकार लेकर आई थी, जिसमें परिसीमन विधेयक भी शामिल था, उन बिलों का क्या हुआ, क्या वो भी लोकसभा से पास नहीं हो पाए या फिर सरकार ने पेश ही नहीं किया?

परिसीमन विधेयक का क्या हुआ?

दरअसल जब महिला आरक्षण संशोधन विधेयक लोकसभा में गिर गया तो सरकार ने इसे पेश ही नहीं किया। सरकार ने इस विधेयक के साथ ’परिसीमन विधेयक, 2026’ और ’संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ को भी सदन में चर्चा और पारित कराने के लिए रखा था, लेकिन उन्हें भी आगे नहीं बढ़ाया जा सका। सरकार ने महिला आरक्षण संशोधन विधेयक जुड़े अन्य दो विधेयकों- परिसीमन (Delimitation) विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक- पर आगे बढ़ने का फैसला भी टाल दिया है।

सरकार ने इन दो बिलों पर क्या कहा?

सरकार ने स्पष्ट किया है कि चूंकि मुख्य संशोधन विधेयक पारित नहीं हो पाया, इसलिए उससे जुड़े अन्य विधेयकों को आगे बढ़ाने का कोई औचित्य नहीं रह गया है। इनमें से एक विधेयक विशेष रूप से Delhi, Puducherry और Jammu and Kashmir जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में महिला आरक्षण कानून को लागू करने के लिए आवश्यक था।

महिला आरक्षण संशोधन विधेयक का क्या हुआ?

लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण 2029 के संसदीय चुनाव से लागू करने से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को संसद के निचले सदन में पारित नहीं हो पाया। सदन में ’संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, पर हुए मत विभाजन के दौरान इसके पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े। लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत होती है। विधेयक पर मत विभाजन में 528 सदस्यों ने हिस्सा लिया। इस विधेयक को पारित करने के लिए 352 सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता थी।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!