West Bengal Violence: पश्चिम बंगाल में रामनवमी पर हुई हिंसा के मसले को लेकर सूबे के राज्यपाल डॉ. सी वी आनंद बोस मंगलवार (चार अप्रैल, 2023) को अपना दार्जिलिंग का तय दौरा छोड़कर हुगली जिले के उन इलाकों में पहुंचे, जहां हिंसा हुई थी।
उन्होंने कहा कि हुड़दंगियों को कानून को हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। केंद्र और राज्य सरकार भीड़तंत्र को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए मिलकर काम करेगी। कानून प्रवर्तन एजेंसियों की तरफ से ‘‘ठोस कार्रवाई’’ की जाएगी।
राज्यपाल ने इस दौरान स्थिति का जायजा लेने के लिए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय लोगों से भी बातचीत की। दार्जिलिंग से रवाना होकर कोलकाता हवाई अड्डे पर उतरने के बाद वह सीधे हुगली जिले के रिसड़ा गए। राज्यपाल रेलवे गेट संख्या चार पर भी पहुंचे, जहां सोमवार रात हिंसा और आगजनी की गई थी।
इस बीच, कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को हुगली जिले के रिसड़ा में हिंसा की ताजा घटना पर रिपोर्ट सौंपने का मंगलवार को निर्देश दिया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता शुभेंदु अधिकारी का प्रतिनिधित्व कर रहे वकीलों ने एक खंडपीठ के सामने मामले का जिक्र किया जिसके बाद यह निर्देश दिया गया। कोर्ट ने राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता अधिकारी को इस घटना पर एक पूरक आरोपपत्र दाखिल करने का भी निर्देश दिया।
वहीं, खेजुरी में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा- हिंसा पश्चिम बंगाल की संस्कृति नहीं है। भाजपा बाहर से गुंडे लाई थी। दंगाइयों का कोई धर्म नहीं होता, वे केवल राजनीतिक गुंडे हैं। भाजपा राम नवमी पर हिंसा कर भगवान राम का नाम बदनाम कर रही है। वे एक समुदाय को दूसरे समुदाय के खिलाफ खड़ा कर हिंदू धर्म को बदनाम कर रहे हैं।
बकौल दीदी, "भाजपा ने कहा था कि अगर वह बिहार में सत्ता में आई तो वे दंगाइयों को उल्टा लटका देंगे, वे अपने गुंडों के साथ ऐसा क्यों नहीं कर रहे हैं? ‘वाम’ (वामपंथी दल) और ‘राम’ (भाजपा) ने हमारे खिलाफ हाथ मिला लिया है। मैं दंगाइयों को खुला नहीं घूमने दूंगी, कड़ी कार्रवाई का वादा करती हूं। ‘दंगाबाज दूर हटो’, हम मौजूद सभी संसाधनों के साथ उनका मुकाबला करेंगे।"
