I-PAC ED Raid: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 9 जनवरी यानी शुक्रवार को राज्य की राजधानी कोलकाता में I-PAC प्रमुख प्रतीक जैन के घर और दफ्तरों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के खिलाफ विरोध मार्च निकाला। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सीनियर नेताओं, मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ, बनर्जी ने 8B बस स्टैंड इलाके से मार्च शुरू किया। इस दौरान बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए गए और उस पर 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले 'राजनीतिक बदले के लिए केंद्रीय एजेंसियों का गलत इस्तेमाल' करने का आरोप लगाया गया।
यह रैली, जो हाजरा मोड़ की ओर बढ़ रही है, गुरुवार को ममता बनर्जी के ED की तलाशी के दौरान जैन के लाउडन स्ट्रीट वाले घर पर अचानक जाने के एक दिन बाद हो रही है।
TMC सुप्रीमो ने आरोप लगाया था कि एजेंसी पार्टी के अंदरूनी दस्तावेज़, हार्ड डिस्क और गोपनीय संगठनात्मक डेटा ज़ब्त करने की कोशिश कर रही थी, जिनका किसी भी वित्तीय जांच से कोई लेना-देना नहीं था।
ममता बनर्जी ने केंद्र और BJP पर निशाना साधा
इससे पहले, TMC सांसदों महुआ मोइत्रा, डेरेक ओ' ब्रायन और अन्य को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के ऑफिस के बाहर हिरासत में लिए जाने के बाद ममता बनर्जी ने केंद्र और BJP पर निशाना साधा। ये सांसद I-PAC प्रमुख प्रतीक जैन के कोलकाता स्थित घर पर ED की छापेमारी का विरोध कर रहे थे। बनर्जी ने कहा कि सांसदों के साथ किया गया बर्ताव 'वर्दी में घमंड' (Arrogance in Uniform) था।
पार्टी सांसदों के साथ हुए बर्ताव की निंदा की
इससे पहले ममता बनर्जी ने शुक्रवार को दिल्ली में गृह मंत्रालय के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन के दौरान पार्टी सांसदों के साथ हुए बर्ताव की निंदा की और इसे 'शर्मनाक, अस्वीकार्य और लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला' करार दिया ।शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के कई सांसदों को उस वक्त हिरासत में ले लिया गया, जब वे केंद्र द्वारा जांच एजेंसियों के कथित गलत इस्तेमाल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, 'चुने हुए प्रतिनिधियों को, उनके लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल करने पर सड़कों पर घसीटना… कानून लागू करना नहीं है – यह वर्दी में अहंकार है।'
'भारत एक लोकतंत्र है, भारतीय जनता पार्टी की निजी संपत्ति नहीं'
उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतंत्र है, भारतीय जनता पार्टी की निजी संपत्ति नहीं है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र ‘सत्ता में बैठे लोगों की सुविधा या आराम’ पर नहीं चलता। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया।उन्होंने दावा किया कि जहां इसके नेता विरोध प्रदर्शनों के दौरान ‘रेड कार्पेट और खास सुविधाओं’ की उम्मीद करते हैं, वहीं विपक्षी सांसदों को आवाज़ उठाने पर ‘घसीटा जाता है, हिरासत में लिया जाता है और अपमानित किया जाता है।’
'संस्थाओं और राजनीतिक लोगों के बीच परस्पर सम्मान होना चाहिए'
ममता ने कहा कि संस्थाओं और राजनीतिक लोगों के बीच परस्पर सम्मान होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा, 'आप हमारा सम्मान करते हैं, हम आपका सम्मान करते हैं।' उन्होंने कहा कि चुने हुए प्रतिनिधियों को अपमानित करने की कोशिशों का जवाब 'सहिष्णुता, असहमति और लोकतांत्रिक नैतिकता’ से दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी सरकार, कोई भी पार्टी और कोई भी गृह मंत्री यह तय नहीं कर सकता कि लोकतंत्र में कौन सम्मान का हकदार है।'
