Mamata Banerjee's Protest Rally: राजनीतिक परामर्श कंपनी ‘आई-पैक’ के कार्यालय पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के खिलाफ सीएम ममता बनर्जी की अगुआई में विरोध मार्च निकाला गया। सीएम ममता बनर्जी ने शुक्रवार को ईडी की कार्रवाई को ‘राजनीतिक रूप से प्रेरित’ बताया और कहा कि इसका उद्देश्य विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ पार्टी को डराना है।
इसी बीच शुक्रवार को बीजेपी ने सीएम ममता बनर्जी पर निशाना साधा। भाजपा सांसद रवि शंकर प्रसाद ने कहा, "कल बंगाल में जो हुआ, वह स्वतंत्र भारत में पहले कभी नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पूरी कार्रवाई न केवल अनैतिक, गैरजिम्मेदार और असंवैधानिक है, बल्कि उन्होंने पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कलंकित किया है।"
हमारी सरकार सबके खिलाफ कार्रवाई करेगी: सुवेंदु अधिकारी
आई-पीएसी पर ईडी की छापेमारी में सीएम ममता बनर्जी की दखल को लेकर पश्चिम बंगाल विधानसभा के विपक्ष के नेता और भाजपा विधायक सुवेंदु अधिकारी ने भी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा, "यह पूरी तरह से आपराधिक अपराध है। मुख्यमंत्री की कार्रवाई संविधान पर सीधा हमला है।"
उन्होंने आगे कहा कि जब भाजपा सरकार सत्ता में आएगी, तो हमारी सरकार सबके खिलाफ कार्रवाई करेगी। ईडी और सीबीआई समेत सभी एजेंसियां कोई भी कार्रवाई करने के लिए कानूनों और प्रक्रियाओं का पालन करती हैं। उन्होंने आगे कहा, “उन्होंने विरोध प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं ली थी।"
ED ने क्या-क्या कहा?
वहीं, इस पूरे मामले पर प्रर्वतन निदेशालय (ED) ने भी प्रतिक्रिया दी है। ईडी ने साफ किया है कि किसी भी राजनीतिक दल के कार्यालय पर छापा नहीं मारा गया है। ईडी ने कहा है कि कोयला तस्करी सिंडिकेट अनूप माजी के नेतृत्व में चल रहा था, जो पश्चिम बंगाल में ईसीएल के लीज वाले इलाकों से कोयले की चोरी और अवैध खनन में शामिल थे।
ईडी के अनुसार, तलाशी की कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से चल रही थी लेकिन बाद में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री, पुलिस कर्मियों और राज्य प्रशासन के अधिकारियों के पहुंचने के बाद, दो ठिकानों से फिजिकल दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सबूत जबरन हटा दिए गए।
