Women Reservation Bill: महिला आरक्षण विधेयक से जुड़े तीन विधेयकों पर लोकसभा में वोटिंग से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजनीतिक दलों से आधी आबादी को उसका अधिकार देने की अपील की। X पर अपने ट्वीट में पीएम ने कहा कि अब कुछ ही देर में लोकसभा में मतदान होने वाला है। मैं सभी राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण के पक्ष में मतदान करने की अपील करता हूं। महिलाओं को लोकसभा एवं राज्यों की विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए सरकार तीन संशोधन विधेयक लेकर आई है जिन पर संसद पर चर्चा हो रही है।
हर आशंका का समाधान किया गया है-पीएम
पीएम ने कहा, 'कृपया करके सोच-विचार करके पूरी संवेदनशीलता से निर्णय लें, महिला आरक्षण के पक्ष में मतदान करें।' पीएम ने कहा कि संसद में इस समय नारीशक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन पर चर्चा चल रही है। कल रात भी एक बजे तक चर्चा चली है। उन्होंने कहा, 'जो भ्रम फैलाए गए, उनको दूर करने के लिए तर्कबद्ध जवाब दिया गया है। हर आशंका का समाधान किया गया है। जिन जानकारियों का अभाव था, वो जानकारियां भी हर सदस्य को दी गई हैं। किसी के मन में विरोध का जो कोई भी विषय था, उसका भी समाधान हुआ है।'
'चार दशक तक बहुत राजनीति कर ली गई'
पीएम ने कहा कि महिला आरक्षण के इस विषय पर देश में चार दशक तक बहुत राजनीति कर ली गई है। अब समय है कि देश की आधी आबादी को उसके अधिकार अवश्य मिलें। आजादी के इतने दशकों बाद भी भारत की महिलाओं का निर्णय प्रक्रिया में इतना कम प्रतिनिधित्व रहे, ये ठीक नहीं। अब कुछ ही देर लोकसभा में मतदान होने वाला है। मैं सभी राजनीतिक दलों से सोच-विचार करके पूरी संवेदनशीलता से निर्णय लेने और महिला आरक्षण के पक्ष में मतदान करने की अपील करता हूं।
देश की करोड़ों महिलाओं की हम पर नजर-पीएम
पीएम ने कहा कि 'मैं देश की नारी शक्ति की तरफ से भी सभी सदस्यों से प्रार्थना करूंगा। कुछ भी ऐसा ना करें, जिनसे नारीशक्ति की भावनाएं आहत हों। देश की करोड़ों महिलाओं की दृष्टि हम सभी पर है, हमारी नीयत पर है, हमारे निर्णय पर है। कृपया करके नारीशक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन का साथ दें।'
'अधिनियम को अधिसूचित किए बिना संशोधन कैसे ले आए'
लोकसभा में शुक्रवार को विपक्षी सदस्यों ने 2023 में पारित महिला आरक्षण अधिनियम को लागू करने से पहले इसमें संशोधन संबंधी विधेयक लाने को लेकर सरकार पर निशाना साधा और स्पष्टीकरण की मांग की। सदन में आवश्यक कागजात पटल पर रखे जाने के तत्काल बाद कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल ने बृहस्पतिवार रात करीब 10 बजे विधि मंत्रालय की ओर से जारी एक अधिसूचना का विषय उठाया। उन्होंने कहा, 'अधिनियम को अधिसूचित किए बिना मंत्री संशोधन कैसे ले आए।’
