देश

Wayanad Landslide: वायनाड दौरे को लेकर शशि थरूर के बयान से मचा बवाल, बाद में देनी पड़ी सफाई; जानें क्या है पूरा मामला

Wayanad Landslide: वायनाड में भूस्खलन के चलते अब तक 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे के बाद कांग्रेस नेता शशि थरूर ने वायनाड का दौरा किया। वायनाड दौरे के बाद शशि थरूर ने यात्रा के लिए सोशल मीडिया पर एक बयान दिया जिसपर बवाल मच गया।

Image

शशि थरूर के बयान से मचा बवाल

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Wayanad Landslide: केरल के वायवाड में भूस्खलन के बाद तबाही मची है। इस हादसे में 344 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच शनिवार को कांग्रेस नेता शशि थरूर ने अपने गृह राज्य केरल के वायनाड का दौरा किया था। वायनाड दौरे के बाद शशि थरूर ने यात्रा के लिए सोशल मीडिया पर एक बयान दिया, जिसपर बवाल मच गया। दरअसल, तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सांसद थरूर ने पोस्ट कर कहा कि वायनाड में एक यादगार दिन की कुछ यादें। थरूर ने जैसे ही ये पोस्ट किया सोशल मीडिया पर कई लोगों ने दुखद घटना के लिए यादगार शब्द का इस्तेमाल करने पर आपत्ति जताई। भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय उन लोगों में शामिल थे जिन्होंने शशि थरूर की आलोचना की।

थरूर ने अपने पोस्ट का किया बचाव

मालवीय ने कहा कि शशि थरूर के लिए मौतें और आपदाएं यादगार हैं। पोस्ट का बचाव करते हुए शशि थरूर ने कहा कि यादगार चीज वह होती है जिसे याद रखने की संभावना होती है। आलोचना का जवाब देते हुए थरूर ने यादगार' का अर्थ समझाने की कोशिश की। अपनी अंग्रेजी शब्दावली के लिए चर्चित थरूर ने कहा कि सभी ट्रोल्स के लिए यादगार की परिभाषा कुछ ऐसा जो यादगार हो, उसे याद रखने लायक होना चाहिए या याद रखने की संभावना होनी चाहिए, क्योंकि यह विशेष या अविस्मरणीय है। मेरा बस इतना ही मतलब था।

वायनाड के चूरलमाला और मुंडक्कई में 30 जुलाई को हुए बड़े पैमाने पर भूस्खलन में मरने वालों की संख्या शनिवार तक 344 हो गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 215 शव और 143 शरीर के अंग बरामद किए गए, जिनमें 98 पुरुष, 87 महिलाएं और 30 बच्चे शामिल हैं। 212 शवों पर पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और 140 शरीर के अंग और 148 शवों की पहचान अब तक रिश्तेदारों द्वारा की जा चुकी है।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

और पढ़ें
End of Article