Navbharat Navnirman Manch: 'मेरी मिट्टी भी कराची नहीं जाने वाली', मुनव्‍वर राणा ने तालिबान पर दी सफाई

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 15, 2021, 06:38 PM IST

टाइम्स नाउ नवभारत 'नवभारत नवनिर्माण मंच': मशहूर शायर मुनव्‍वर राणा ने कहा कि उनके दिल में हिन्‍दुस्‍तान बसता है। उन्‍होंने पाकिस्‍तान, सऊदी अरब के अपने पुराने दौरे से जुड़े किस्‍से भी सुनाए।

लखनऊ : टाइम्‍स नाउ नवभारत के 'नवभारत नवनिर्माण मंच' पर शायर मुनव्‍वर राणा और बीजेपी नेता मनोज तिवारी भी पहुंचे, जिन्‍होंने अपनी शायरी व गीत से अलग ही समां बांध दिया। पूरी बातचीत के दौरान दर्शक ध्‍यान से उन्‍हें सुनते रहे, जिसमें आगामी यूपी विधानसभा चुनाव से लेकर अफगानिस्‍तान की सत्‍ता में तालिबान के काबिज होने सहित कई मसलों पर चर्चा हुई। मुनव्‍वर राणा ने इस दौरान तालिबान वाले अपने बयान पर सफाई दी तो पाकिस्‍तान और सऊदी अरब के अपने दौरे के कई किस्‍से भी सुनाए।

नवभारत नवनिर्माण मंच से मुनव्‍वर राणा ने कहा, 'मैं हिंदुस्तान में 80 करोड़ हिंदुओं की निगरानी में रहता हूं। दुनिया में इससे बड़ा सेफ्टी कवच कोई नहीं हो सकता।' उन्‍होंने कहा, 'मैं मरूंगा तो यहीं दफन किया जाऊंगा, मेरी मिट्टी भी कराची नहीं जाने वाली।' दरअसल, अपने बेबाक अंदाज के लिए मशहूर शायर से उनके उस पुराने बयान को लेकर सवाल किया गया था, जिसमें उन्‍होंने यूपी की सत्‍ता में योगी सरकार की वापसी पर प्रदेश छोड़कर जाने की बात कही थी।

तालिबान पर दी सफाई

मुनव्वर राणा से यह सवाल भी किया गया कि उनके हिसाब से 2022 में यूपी में किसकी सरकार आ रही है? इसका जवाब उन्‍होंने अपने ही अंदाज में दिया और कहा कि सियासत में कुछ भी साफ तौर पर नहीं कहा जा सकता। फैसला जनता को करना है। उन्‍होंने तालिबान और वाल्मिकी को लेकर किए गए अपने हालिया बयान पर भी सफाई दी और कहा कि उन्‍हें गलत तरीक से कोट किया गया और उन्‍होंने जो कुछ भी कहा, उसका उल्‍टा अर्थ निकाला गया।

'योगी भी आएंगे, मुनव्‍वर राणा भी यहीं रहेंगे'

इस दौरान कुछ गंभीर बातों को दौर चला तो हल्‍के-फुल्‍के अंदाज वाले वक्‍त भी आए, जब बीजेपी नेता मनोज तिवारी ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में सीएम योगी की सत्‍ता में वापसी होगी और मुनव्‍वर राणा भी यहीं रहेंगे, क्‍योंकि उन्‍हें कहीं जाने नहीं दिया जाएगा।

मनोज तिवारी ने इस दौरान मुनव्‍वर राणा के ही एक संदर्भ का हवाला देते हुए कहा कि जो लोग ये सोचते हैं कि सत्ता नालियों से होकर गुजरती है, आज देश ने उन्हें किनारा लगा दिया है। उन्‍होंने यह भी कहा कि अगर कोई विचारधारा ये सोचती है कि कश्मीर के लोगों से उनका ताल्लुक नहीं है तो उन्‍हें इस पर आपत्ति है।

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