Vijay Rupani News: विजय रुपाणी के जाने की स्क्रिप्ट क्या पहले से थी तैयार ?

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 11, 2021, 08:44 PM IST

Next CM of Gujarat: गुजरात के सीएम पद से विजय रुपाणी इस्तीफा दे चुके हैं। अब सवाल यह है कि राज्य की कमान किसके हाथों में होगी। लेकिन सवाल यह है कि क्या उनके इस्तीफे की स्क्रिप्ट पहले ही तैयार की जा चुकी थी।

गुजरात के सीएम विजय रुपाणी इस्तीफा दे चुके हैं और इसके साथ ही कयासों का बाजार गर्म हो चुका है कि गुजरात का अगला सीएम कौन। बताया जा रहा है कि इस समय गुजरात के अगले सीएम के तौर पर तीन नामों की चर्चा है, मनसुख मांडविया,आर सी फालदू, नितिन पटेल के नामों की चर्चा है। ये तीनों लोग पाटीदार समाज से है। लेकिन अहम सवाल यह है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि उन्हें जाना पड़ा यानी कि कुर्सी छोड़नी पड़ी।

विजय रुपाणी के हटने के पीछे ये दो खास वजहें
जिस समय विजय रुपाणी ने कुर्सी छोड़ने का ऐलान किया उस वक्त गुजरात के प्रभारी भूपेंद्र यादव भी थे। उनके साथ नितिन पटेल थे तो स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया भी गांधीनगर में थे। अब सवाल यह उठता है कि आखिर गुजरात चुनाव से करीब डेढ़ साल पहले विजय रूपाणी को क्यों हट गए। इस बारे में जानकार कहते हैं कि जिस तरह से गुजरात का जातीय समीकरण है उसे साधने के लिए अब एक ऐसे शख्स की जरूरत महसूस की जा रही थी जिसके नाम पर स्वीकार्यता ज्यादा हो। इसके साथ ही कोरोना की दूसरी लहर में रुपाणी भले ही इस बात के दावे करें की उन्होंने पूरी कोशिश की। लेकिन जमीनी हकीकत से जनता के अंदर बेहद नाराजगी थी। 

मनसुख मांडविया, आर सी फालदू और नितिन पटेल के नाम की चर्चा
अब सवाल यह है कि विजय रुपाणी को हटाये जाने के पीछे की वजह क्या है, इस बारे में जानकारों की राय अलग अलग है। कुछ लोगों का कहना है कि पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह चौंकाने वाले फैसले लेने के लिए जाने जाते हैं, लिहाजा आप इसमें केवल कयास लगा सकते हैं। लेकिन जिन तीन नामों मनसुख मांडविया, आर सी फालदू और नितिन पटेल की चर्चा है ये लोग सीएम की रेस में है। 

चौंकाने वाला फैसला भी आ सकता है
जानकार कहते हैं कि जिस तरह से बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व चौंकाने वाले फैसला करता रहा है उसमें कुछ भी हो सकता है। कुछ लोगों का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जिस तरह से विजय रुपानी सरकार ने काम किया था उसे लेकर केंद्रीय आलाकमान बहुत खुश नहीं था। इसके साथ ही पाटीदार समाज की नाराजगी को शीर्ष नेतृत्व नहीं लेना चाहता है लिहाजा चुनाव से करीब एक साल पहले सीएम को बदलने का फैसला लिया गया। 

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