Land for Jobs Case: जमीन के बदले नौकरी (लैंड फॉर जॉब) से जुड़े CBI के मामले में लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव,राबडी देवी, मीसा भारती, हेमा यादव, तेज प्रताप यादव और अन्य के खिलाफ राउज ऐवन्यू कोर्ट मे फैसला टल गया है। कोर्ट ने सीबीआई से आरोपियों का स्टेट्स मांगा है। कोर्ट ने सीबीआई से कहा कि कई आरोपियों की मौत हो चुकी है, इसलिए कोर्ट आरोपियों का 8 दिसंबर तक स्टेटस बताए। अगली सुनवाई 8 दिसंबर को होगी।
100 से अधिक लोगों के खिलाफ चार्जशीट
इस मामले मे CBI ने लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी समेत 100 से अधिक लोगों को आरोपी बनाया है। CBI ने आरोप पत्र में कहा है कि बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है, कुछ सेलडीड को छोड़कर, जमीन की खरीद के लिए ज्यादातर पैसों का लेनदेन कैश में हुआ। CBI ने मामले में IPC की धारा 120, 420, 468, 467, 471 और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट 1988 की धारा 11,12,13,8,9 के तहत चार्जशीट दाखिल की थी।
क्या है मामला?
यह मामला 2004 से लेकर 2009 के बीच का है, जब लालू यादव रेल मंत्री थे। आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान रेलवे में नौकरी के बदले में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार किया गया।लालू प्रसाद यादव पर आरोप है कि उन्होंने रेल मंत्री रहते हुए कुछ लोगों को रेलवे में नौकरी देने के बदले उनसे कथित तौर पर जमीन ली थी। इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है। वहीं, लालू यादव ने सुप्रीम कोर्ट में तर्क दिया था कि सीबीआई ने उनके खिलाफ जांच शुरू करने से पहले कानूनी रूप से आवश्यक अनुमति नहीं ली थी, जो एक गंभीर प्रक्रिया संबंधी चूक है। लेकिन उन्हे राहत नहीं मिली। अब अगर निचली अदालत में दोष साबित होता है तो उन्हें जेल की सजा भी हो सकती है।
