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दिवाली बाद उत्तराखंड में UCC पर स्पेशल सत्रः औरतों के लिए शादी की उम्र रहेगी 18 साल, लिव-इन का रजिस्ट्रेशन हो सकता है जरूरी

  • Compiled by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Nov 11, 2023, 03:59 PM IST

सूत्रों ने जानकारी दी कि सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अगुवाई वाली पांच सदस्यीय समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। ऐसे में यह उम्मीद की जाती है कि केंद्र सरकार इसे अपने स्वयं के यूसीसी विधेयक का मसौदा तैयार करने के लिए एक टेम्पलेट के रूप में इस्तेमाल कर सकती है, जिसके बाद में आने की उम्मीद है।

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी। (फाइल)

Photo : टाइम्स नाउ ब्यूरो

यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) को लेकर दिवाली के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) शासित उत्तराखंड में विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जा सकता है। सूबे में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार दीपावली के ऐन बाद यह सत्र यूसीसी बिल को पास कराने के लिए ला सकती है। मामले से जुड़े सूत्रों की ओर से यह जानकारी शनिवार (11 नवंबर, 2023) को कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दी गई।

अंग्रेजी अखबार 'दि इंडियन एक्सप्रेस' की ओर से इस बारे में बताया गया कि ऐसा पता चला है कि रिपोर्ट में लैंगिक समानता और पुश्तैनी संपत्तियों में बेटियों के लिए बराबरी के हक की बात पर जोर दिया गया है। हालांकि, यह महिलाओं की शादी योग्य आयु को बढ़ाकर 21 साल करने का सुझाव नहीं देता है। समिति की सिफारिश में कहा गया है कि औरतों के लिए विवाह योग्य आयु 18 वर्ष ही बरकरार रखी जानी चाहिए।

सूत्र के मुताबिक, "इसका मकसद एक ऐसा कानून बनाना है जो विवाह, तलाक, विरासत और गोद लेने से जुड़े मामलों में सभी धर्मों पर लागू हो।" वैसे, सूत्र यह भी बताते हैं कि इस विधेयक का व्यापक ध्यान व्यक्तिगत कानूनों जैसे विवाह का पंजीकरण, तलाक, संपत्ति अधिकार, अंतर-राज्य संपत्ति अधिकार, रखरखाव, बच्चों की हिरासत आदि में एकरूपता पर है। हालांकि, प्रस्तावित कानून न तो विवाह के लिए किसी धार्मिक रीति-रिवाज को छूएगा और न ही अन्य अनुष्ठानों पर ध्यान केंद्रित करेगा। लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन भी अनिवार्य होगा।

सूत्रों ने जानकारी दी कि सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अगुवाई वाली पांच सदस्यीय समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। ऐसे में यह उम्मीद की जाती है कि केंद्र सरकार इसे अपने खुद के यूसीसी विधेयक का मसौदा तैयार करने के लिए एक टेम्पलेट के रूप में इस्तेमाल कर सकती है, जिसके बाद में आने की उम्मीद है।

उत्तराखंड सरकार ने 27 मई, 2022 को यूसीसी के कार्यान्वयन और राज्य में रहने वाले लोगों के व्यक्तिगत नागरिक मामलों को नियंत्रित करने वाले सभी प्रासंगिक कानूनों की जांच के लिए विशेषज्ञ समिति का गठन किया था। ध्यान देने वाली बात है कि यूसीसी पिछले साल राज्य विधानसभा चुनावों के दौरान भाजपा के प्रमुख चुनावी वादों में से एक था। नवगठित उत्तराखंड सरकार की पहली कैबिनेट बैठक के बाद समिति की घोषणा की गई।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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