Union Cabinet Decision: केंद्र सरकार ने देश के सड़क ढांचे को और मजबूत बनाने के लिए तीन महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं का लाभ मुख्य रूप से तेलंगाना, ओडिशा और मध्य प्रदेश के लोगों को मिलेगा। सरकार का उद्देश्य बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना, यात्रा को सुरक्षित बनाना और क्षेत्रीय विकास को गति देना है। तेलंगाना में राष्ट्रीय राजमार्गों (road infrastructure projects) के विस्तार की योजना को मंजूरी मिली है। इसके तहत आर्मूर से जगतियाल होते हुए मंचेरियल तक के राष्ट्रीय राजमार्ग-63 और जगतियाल से करीमनगर तक के राष्ट्रीय राजमार्ग-563 को चार लेन का बनाया जाएगा।
कुल लंबाई लगभग 191 किलोमीटर
दोनों मार्गों की कुल लंबाई लगभग 191 किलोमीटर है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने कहा कि इस परियोजना पर 7,597 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। सड़क चौड़ी होने से वाहनों की आवाजाही आसान होगी, यात्रा का समय कम होगा और सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है। ओडिशा में भी एक बड़ी सड़क परियोजना को मंजूरी दी गई है। सरकार रामेश्वर से पारादीप तक नई तटीय हाईवे का निर्माण कराएगी। करीब 163 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर 8,300 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। समुद्र तट के किनारे बनने वाली यह हाईवे पर्यटन, व्यापार और परिवहन के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। इसके बनने से लोगों और सामान की आवाजाही पहले की तुलना में अधिक सुगम हो जाएगी।
परियोजनाओं से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संपर्क मजबूत
मध्य प्रदेश में सड़क सुधार और विस्तार के लिए दो प्रमुख कार्य किए जाएंगे। एनएच-347बी के हिवरखेड़ी, रोशनी, आशापुर और रुधि सेक्शन को बेहतर बनाया जाएगा। वहीं देशगांव से जुलवानिया तक की सड़क को दो लेन से बढ़ाकर चार लेन किया जाएगा। इन परियोजनाओं से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संपर्क मजबूत होगा और लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद सड़क नेटवर्क मजबूत होगा, व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। साथ ही लोगों का समय बचेगा और यात्रा पहले से अधिक आरामदायक तथा सुरक्षित बनेगी। ये परियोजनाएं देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।
