देश

Exclusive: 10 करोड़ विदेशी पर्यटकों का टारगेट! बोले गजेंद्र सिंह शेखावत-टूरिस्ट सेक्टर में अधिक स्थायी रोजगार पैदा करने की बड़ी क्षमता

Exclusive Interview: भारत सरकार टूरिज्म सेक्टर में विकास के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य 2047 तक 10 करोड़ विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने का है। इसी पर केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने टाइम्स नाउ डिजिटल के साथ बात की है।

Image

केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू

Exclusive Interview: भारत में हर साल लाखों विदेशी पर्यटक आते हैं, पिछले साल इनकी संख्या 2 करोड़ थी। सरकार इसे और बढ़ाने पर फोकस कर रही है। इसी मुद्दे पर केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने टाइम्स नाउ डिजिटल के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत की है। गजेंद्र सिंह शेखावत ने साल 2047 के लक्ष्य को पूरा करने के लिए नए पर्यटन रूट बनाने और इस क्षेत्र में स्थायी रोजगार पैदा करने पर जोर दिया।

क्या-क्या बोले पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत

सवाल: प्रधानमंत्री ने अपील की है कि भारतीयों को विदेशों में 'डेस्टिनेशन वेडिंग' करने से बचना चाहिए और भारत में ही शादियां करनी चाहिए। क्या आपको लगता है कि इसके लिए हमें देश भर में शादियों से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर (सुविधाएं) बढ़ाने की जरूरत है?

जवाब: देखिए, डेस्टिनेशन वेडिंग्स इस वक्त पूरे देश में हो रही हैं। केवल 1% भारतीय शादियां ही विदेश में होती हैं, जबकि 99% भारत में ही अलग-अलग जगहों पर होती हैं। लेकिन हां, लोगों के अनुभव को और बेहतर बनाने तथा ज्यादा लोगों को आकर्षित करने के लिए हम कई जगहों पर सुविधाओं को और बेहतर जरूर कर सकते हैं।

सवाल: पर्यटन हमेशा से रोजगार पैदा करने का एक बहुत बड़ा जरिया रहा है। ऐसे समय में जब देश के सामने रोजगार की चुनौती है, क्या आपको लगता है कि इस सेक्टर में और ज्यादा नौकरियां पैदा करने की क्षमता है?

जवाब: देखिए, नौकरियों की चुनौती सिर्फ भारत में नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में है। हो सकता है कि किस तरह की नौकरी चाहिए, इसे लेकर चुनौती हो, लेकिन यह दिक्कत हर जगह है। इसके बावजूद, पर्यटन क्षेत्र में अधिक स्थायी रोजगार पैदा करने की बड़ी क्षमता है, और इसी के लिए सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश कर रही है।

पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का इंटरव्यू

सवाल: जब विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने की बात आती है, तो भारत कई छोटे देशों से भी पीछे रह जाता है। क्या आपको लगता है कि भारत को वैश्विक स्तर पर मुकाबला करने के लिए और कुछ करने की जरूरत है?

जवाब: देखिए, पिछले साल भारत में दो करोड़ विदेशी पर्यटक आए। भारत में चुनौती पर्यटकों की संख्या बढ़ाने की नहीं है, बल्कि चुनौती यह है कि भारतीयों की आमदनी और खर्च करने की क्षमता बढ़ गई है। आज भारतीय भी उन सेवाओं का आनंद ले रहे हैं जो पहले केवल विदेशी पर्यटकों के लिए मानी जाती थीं। इस कॉम्पिटिशन के कारण, भारत हमारे पड़ोसी देशों की तुलना में थोड़ा महंगा हो जाता है और चुनौती इसी स्थिति को संभालने की है।

सवाल: सरकार ने पिछले कुछ सालों में हवाई अड्डों जैसा बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर तो खड़ा कर दिया है, लेकिन पर्यटन स्थलों तक पहुंचने की आखिरी मील की कनेक्टिविटी अब भी एक समस्या है। क्या आप इस बात से सहमत हैं?

जवाब: नहीं, मुझे लगता है कि तकनीक के इस दौर में अब ऐसी समस्याएं नहीं बची हैं। आज भाषा की कोई दीवार नहीं रह गई है। आज राज्य सरकारें पर्यटन के इंफ्रास्ट्रक्चर पर इतना ज्यादा काम कर रही हैं कि इन चीजों को आसानी से संभाला जा सकता है और इन्हें अच्छे से संभाला भी जा रहा है।

सवाल: भारत ने साल 2047 तक 10 करोड़ विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने का एक बड़ा लक्ष्य रखा है। क्या आपको लगता है कि यह मुमकिन है, और क्या इसके लिए भारत को अपना पर्यटन का नक्शा और बड़ा करने की जरूरत है?

जवाब: हम इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए निश्चित रूप से काम कर रहे हैं। आज देश के बड़े हिस्से में पर्यटन बढ़ रहा है। वह समय अब काफी पीछे छूट चुका है जब विदेशी पर्यटकों के लिए भारत का मतलब सिर्फ दिल्ली, जयपुर और आगरा हुआ करता था, अब स्थिति में बहुत सुधार हुआ है। ज्यादा से ज्यादा लोगों को आकर्षित करने के लिए निश्चित रूप से नए और गहरे टूरिस्ट सर्किट (पर्यटन मार्ग) विकसित किए जा सकते हैं।

End of Article