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TMC सांसद अभिषेक बनर्जी की बढ़ीं मुश्किलें, 'सेवाश्रय' हेल्थ कैंप मामले में गंभीर धाराओं के तहत नई FIR दर्ज

Sebashroy Health Camp Fraud: तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी के खिलाफ उनके संसदीय क्षेत्र डायमंड हार्बर में चलाए गए 'सेवाश्रय' मेडिकल कैंप को लेकर एक नई और गंभीर FIR दर्ज की गई है।

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TMC सांसद अभिषेक बनर्जी की बढ़ीं मुश्किलें, 'सेवाश्रय' हेल्थ कैंप मामले में गंभीर धाराओं के तहत नई FIR दर्ज

Abhishek Banerjee FIR: तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। उनके संसदीय क्षेत्र डायमंड हार्बर (Diamond Harbour) में आयोजित किए गए फ्लैगशिप मेडिकल और हेल्थ चेक-अप कैंप 'सेवाश्रय' (Sebashroy) को लेकर पुलिस में एक नई और बेहद गंभीर शिकायत (FIR) दर्ज की गई है। इस शिकायत में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी और उनके सहयोगियों पर आम जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने के बेहद चौंकाने वाले आरोप लगाए गए हैं।

शिकायतकर्ता द्वारा दर्ज कराई गई इस एफआईआर में दावा किया गया है कि अभिषेक बनर्जी अलग-अलग तारीखों, समय और स्थानों पर बिना किसी वैध रजिस्ट्रेशन या अनुमति के एक अनधिकृत मेडिकल और डायग्नोस्टिक सेटअप चला रहे थे। विपक्ष का आरोप है कि सेवाश्रय के नाम पर डायमंड हार्बर के हजारों लोगों की जिंदगी और सेहत के साथ एक बड़ा खिलवाड़ किया गया है।

अभिषेक बनर्जी को आवाज के नमूने देने का निर्देश

इससे पहले पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले की एक अदालत ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद अभिषेक बनर्जी को विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए कथित धमकी भरे भाषण की जांच के सिलसिले में आठ जुलाई को पुलिस को अपनी आवाज के नमूने देने का निर्देश दिया। पुलिस ने अभिषेक की ओर से अप्रैल में दिए गए कथित धमकी भरे भाषण को लेकर बिधाननगर उत्तर पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी के सिलसिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा-349 के तहत उनके आवाज के नमूने उपलब्ध कराए जाने का अनुरोध किया था।

बीएनएसएस की धारा-349 मजिस्ट्रेट को पुलिस जांच या आपराधिक कार्यवाही के मकसद से किसी व्यक्ति को अपने हस्ताक्षर, लिखावट या आवाज के नमूने उपलब्ध कराने का आदेश देने की शक्ति प्रदान करती है। बिधाननगर सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट अदालत ने अभिषेक को निर्देश दिया कि वह आठ जुलाई को जांच एजेंसी को अपनी आवाज का नमूना दें।

लोक अभियोजक मोहम्मद साबिर अली ने बताया कि अभिषेक को आठ जुलाई को बिधाननगर अदालत में मजिस्ट्रेट के सामने अपनी आवाज का नमूना देना होगा।

कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति तीर्थांकर घोष ने मंगलवार को अभिषेक की उस याचिका को दूसरी पीठ को सौंपने का निर्देश दिया था, जिसमें उन्होंने कथित धमकी भरे भाषण मामले में आवाज का नमूना देने के लिए पुलिस की ओर से जारी समन को चुनौती दी है।

उच्च न्यायालय ने पुलिस के समन पर अंतरिम रोक लगाने के अभिषेक के अनुरोध पर कोई आदेश पारित नहीं किया था। कथित धमकी भरे भाषणों से जुड़े मुख्य मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की पीठ के समक्ष की जा रही है। न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने 21 मई को अभिषेक को मामले में किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से 31 जुलाई तक राहत प्रदान की थी।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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