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अभिषेक बनर्जी ने एनआरसी के डर से आत्महत्या करने वाले व्यक्ति के परिवार से की मुलाकात, बीजेपी पर लगाया आरोप

टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने एनआरसी के डर से आत्महत्या करने वाले प्रदीप कर के परिवार से मुलाकात की और बीजेपी पर राजनीतिक साजिश का आरोप लगाया। वहीं बीजेपी नेता सुकांत मजूमदार ने सुसाइड नोट की प्रामाणिकता पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।

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अभिषेक बनर्जी ने एनआरसी के डर से आत्महत्या करने वाले व्यक्ति के परिवार से की मुलाकात, बीजेपी पर लगाया आरोप

कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बुधवार को उत्तर 24 परगना ज़िले के पनिहाटी में आत्महत्या करने वाले प्रदीप कर के परिवार से मुलाकात की। प्रदीप कर ने मंगलवार को आत्महत्या कर ली थी, और उनकी सुसाइड नोट सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया, जिसमें उन्होंने अपनी मौत के लिए एनआरसी को जिम्मेदार ठहराया था।

परिवार से मिलने के बाद अभिषेक बनर्जी ने केंद्र और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा,“बीजेपी बंगाल के लोगों को उनके मतदान अधिकार से वंचित करना चाहती है। केंद्र और राष्ट्रीय चुनाव आयोग की मिलीभगत से बंगाल में ‘एसआईआर’ लागू करने की कोशिश की जा रही है। यह बेहद दुखद है कि ‘एसआईआर’ और ‘एनआरसी’ के डर से पनिहाटी के निवासी प्रदीप कर ने आत्महत्या कर ली। मैंने आज उनके परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की है। इस घटना के लिए बीजेपी और चुनाव आयोग जिम्मेदार हैं। मतदाता सूची में संशोधन दरअसल बीजेपी की साजिश है, जो लोकतंत्र पर सीधा हमला है। बंगाल किसी भी कीमत पर बीजेपी की इस विरोधी-बांग्ला साजिश को स्वीकार नहीं करेगा।”

दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद डॉ. सुकांत मजूमदार ने इस सुसाइड नोट पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा,“रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रदीप कर के दाहिने हाथ की चार उंगलियां कटी हुई थीं और वे शिक्षित भी नहीं थे, तो फिर उन्होंने सुसाइड नोट कैसे लिखा? इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।”

मजूमदार ने यह भी स्पष्ट किया कि देश के किसी भी हिस्से में एनआरसी की कोई प्रक्रिया नहीं चल रही है, इसलिए डरने की कोई वजह नहीं है।

उन्होंने आगे कहा,“तृणमूल कांग्रेस इस मौत को एनआरसी का रंग देने की कोशिश कर रही है और बंगाल में हाल ही में शुरू हुए ‘एसआईआर’ को लेकर लोगों में भय पैदा करना चाहती है। यह सिर्फ एक नियमित प्रक्रिया है, जो अब तक बारह बार हो चुकी है, इसमें डरने जैसी कोई बात नहीं है।”

Pooja Mehta
पूजा मेहताauthor

पूजा मेहता एक वरिष्ठ टेलीविज़न पत्रकार हैं, जिन्हें रिपोर्टिंग का लगभग 15 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने राजनीति, आतंकवाद, आंतरिक संघर्ष, रक्षा, पर्यावरण और अपराध पर व्यापक रिपोर्टिंग की है, विशेष रूप से पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों पर गहरा फोकस रखते हुए। संघर्षग्रस्त इलाकों से उनकी ज़मीनी रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों की गहन समझ उन्हें पैनी दृष्टि और विश्वसनीय विश्लेषण के लिए अलग पहचान दिलाती है। वह प्रमाणित Defence Correspondent हैं और अमेरिकी विदेश विभाग के प्रतिष्ठित International Visitor Leadership Program (IVLP) की एलुमनी भी हैं, जिससे विदेशी नीति, सुरक्षा और सामरिक मामलों में उनकी विशेषज्ञता और मजबूत हुई है।

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