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पश्चिम बंगाल में TMC नेता अजीत साहा की गिरफ्तारी से मचा सियासी हड़कंप; घर से मिला नकदी और हथियारों का बड़ा जखीरा

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला परिषद के स्वास्थ्य एवं पर्यावरण विभाग के अध्यक्ष अजीत साहा और उनके भाई सुजीत कुमार साहा को गिरफ्तार किया है। छापेमारी के दौरान उनके आवास से भारी मात्रा में नकदी और हथियारों का जखीरा बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई।

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Ajit Saha Arrest

Ajit Saha Arrest: पश्चिम बंगाल में पुलिस ने उत्तर 24 परगना जिला परिषद के स्वास्थ्य एवं पर्यावरण विभाग के अध्यक्ष अजीत साहा और उनके भाई सुजीत कुमार साहा, जिन्हें सुबीर साहा के नाम से भी जाना जाता है, को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान टीएमसी नेता के आवास से करीब 27 लाख रुपये नकद बरामद हुए, जिसके बाद हाबरा और मछलंदपुर क्षेत्रों में हड़कंप मच गया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, मंगलवार देर रात गोबर्दांगा थाने की टीम को मिली गुप्त सूचना के आधार पर मछलंदपुर स्थित अजीत साहा के घर पर छापेमारी की गई। इस दौरान कई पुलिस टीमों ने पूरे परिसर को घेरकर घंटों तक विस्तृत तलाशी अभियान चलाया। शुरुआत में केवल बड़ी मात्रा में नकदी मिलने की जानकारी सामने आई थी, लेकिन बाद में घर के अलग-अलग हिस्सों से हथियारों का जखीरा भी बरामद हुआ। पुलिस ने जब दोनों आरोपियों से बरामद 27 लाख रुपये के स्रोत के बारे में पूछताछ की कि यह धनराशि किसकी है और इसे क्यों छिपाकर रखा गया था, तो वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।

बरामदगी में ये चीजें शामिल

अजीत साहा के आवास से बरामद सामग्री को देखकर पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए। तलाशी अभियान के दौरान नकदी के साथ-साथ बड़ी मात्रा में संदिग्ध सामान भी जब्त किया गया। बरामदगी में 27,08,200 रुपये नकद, 666 जिंदा कारतूस और 61 खाली कारतूस शामिल हैं। इसके अलावा एक एयर गन, छर्रों का डिब्बा, एक स्पोर्ट्स शूटिंग राइफल और विदेशी शराब की 52 बोतलें भी पुलिस ने जब्त की हैं। धवार को दोनों आरोपियों को गोबर्धनगंज थाने से बारासात कोर्ट ले जाया गया, जहां उन्हें जेल वैन में बैठाकर पेशी के लिए रवाना किया गया। इस दौरान मीडिया के सवालों पर सुजीत साहा ने आरोप लगाया कि उन्हें केवल तृणमूल कांग्रेस से जुड़े होने के कारण फंसाया जा रहा है।

"झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं"

बारासात कोर्ट में पेशी के दौरान भी दोनों भाइयों ने यही दावा दोहराया कि उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। वहीं, पुलिस सूत्रों का कहना है कि दोनों के खिलाफ लंबे समय से इलाके में जबरन वसूली, धमकाने और दहशत फैलाने जैसे गंभीर आरोप दर्ज हैं। इसके साथ ही 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा (Post-Poll Violence) में भी उनकी संलिप्तता की जांच की जा रही है। पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच के लिए अदालत से आरोपियों की 10 दिन की पुलिस हिरासत (रिमांड) की मांग की है, ताकि पूरे प्रकरण की गहराई से जांच की जा सके।

Pooja Mehta
पूजा मेहता author

पूजा मेहता एक वरिष्ठ टेलीविज़न पत्रकार हैं, जिन्हें रिपोर्टिंग का लगभग 15 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने राजनीति, आतंकवाद, आंतरिक संघर्ष, रक्षा, पर्यावर... और देखें

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