Times Now Summit 2026: टाइम्स ग्रुप के एमडी विनीत जैन ने गुरुवार को टाइम्स नाउ समिट 2026 में भारत के भविष्य के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना पेश की। उन्होंने कहा कि अब समय केवल पुरानी उपलब्धियों का जश्न मनाने का नहीं, बल्कि 2047 तक एक विकसित देश बनने की मजबूत नींव तैयार करने का है। “Shaping India @ 100” थीम वाले इस समिट में जैन ने कहा कि यह समय स्पष्ट लक्ष्य और लंबी अवधि की सोच रखने का है। उन्होंने कहा, “उपलब्धियां महत्वपूर्ण होती हैं, लेकिन केवल सालगिरहें किसी देश को नहीं बदलतीं।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि असली बदलाव बड़ी सोच, सही तरीके से काम करने की क्षमता और मजबूत संस्थाओं से आता है।
विनीत जैन ने कहा कि यह आयोजन केवल जश्न मनाने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि एक ऐसा मंच है जहां नए विचारों को परखा जाता है, पुरानी धारणाओं को चुनौती दी जाती है और सोच-समझकर भविष्य की दिशा तय की जाती है। उन्होंने कहा कि आज भारत एक ऐसे निर्णायक मोड़ पर खड़ा है, जहां तेज आर्थिक विकास, बड़ी युवा आबादी का लाभ, बढ़ती डिजिटल ताकत और दुनिया में बढ़ती अहमियत - ये सभी एक साथ आ गए हैं। हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि असली चुनौती अभी बाकी है—यह तय करना कि आजादी के 100 साल पूरे होने तक अपनी पूरी क्षमता हासिल करने के लिए भारत को क्या-क्या निर्माण करना होगा।
विनीत जैन ने आगे कहा कि एक विकसित देश बनने का रास्ता केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह रणनीतिक गहराई और संस्थागत विश्वास पर आधारित होना चाहिए। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत को एक दीर्घकालिक नीति बताते हुए स्पष्ट किया कि आत्मनिर्भरता का मतलब दुनिया से अलग हो जाना नहीं है, बल्कि अंदरूनी ताकत को मजबूत बनाना है, साथ ही दुनिया से जुड़े रहना भी उतना ही जरूरी है।
प्राथमिकता वाले क्षेत्रों का जिक्र करते हुए विनीत जैन ने कहा कि भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा प्रबंधन, शिक्षा, रक्षा, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज और आधुनिक तकनीक जैसे अहम क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनना होगा। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में नेतृत्व ही तय करेगा कि भारत दुनिया में केवल एक बड़ा बाजार बनकर रहेगा या फिर नियम तय करने वाला देश बनेगा। उन्होंने इस दशक की अहमियत पर भी जोर देते हुए इसे एक सीमित अवसर की खिड़की बताया। जैन ने कहा, “हमें सरल शब्दों में कहें तो बूढ़े होने से पहले अमीर बनना होगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि भारत को अपनी बड़ी युवा आबादी के लाभ का पूरा उपयोग करना होगा, ताकि रोजगार बढ़ें, काम करने की क्षमता (उत्पादकता) बढ़े और लंबे समय तक आर्थिक विकास सुनिश्चित हो सके।
विनीत जैन आगे कहा कि 2047 तक विकसित भारत बनने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए दूसरे चरण के बड़े सुधार करने होंगे, संस्थाओं को और मजबूत बनाना होगा, शहरों का तेजी से विकास करना होगा और शोध तथा नवाचार में ज्यादा निवेश करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक चर्चा और सोच को केवल तात्कालिक मुद्दों से हटाकर लंबी अवधि की योजना और भविष्य की सोच की ओर ले जाना जरूरी है।
मीडिया की भूमिका पर बोलते हुए जैन ने कहा कि टाइम्स नाउ जैसे मंचों को केवल खबरें दिखाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि देश की प्राथमिकताओं को तय करने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत @100 का निर्माण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें उद्योग और आम नागरिक - सभी की साझा जिम्मेदारी है।
अपने संबोधन के अंत में जैन ने सभी पक्षों से अपील की कि वे केवल यह न देखें कि भारत अब तक कितना आगे बढ़ चुका है, बल्कि उन जिम्मेदारियों पर ध्यान दें जो आगे आने वाली हैं। उन्होंने समिट के मुख्य सवाल को इस तरह रखा — भारत के आज़ादी के 100 साल पूरे होने तक उसके भविष्य को कैसे आकार दिया जाए?
