जम्मू कश्मीर के बारामूला में सुरक्षाबलों ने तीन आंतकियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें एक सेना शिविर पर हुए हमले का मास्टरमाइंड शामिल है। सुरक्षाबलों ने हमले के 24 घंटे के अंदर ही इन तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। इन तीनों में से एक वो है, जिसने कभी आत्मसमर्पण कर दिया था और रिहा हो गया था। रिहा होने के बाद वो फिर से आतंकी गतिविधि में शामिल हुआ और बेटे को भी शामिल कर लिया।
7 जनवरी को हुआ था हमला
बारामूला के एसपी फिरोज येह्या ने इस गिरफ्तारी के बारे में जानकारी देते हुए कहा- "7 जनवरी 2025 को हमरे पट्टन में एक घटना घटी... अज्ञात आतंकवादियों ने नुकसान और विनाश के इरादे से 163 टीए की ओर एक ग्रेनेड फेंका जो एक सुरक्षा बल शिविर है... अपराधियों को 24 घंटे के भीतर पकड़ लिया गया... अपराध में शामिल तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया... एक हैंड ग्रेनेड, एक एके सीरीज राइफल, एक पिस्तौल, 250 जिंदा एके राउंड, 21 जिंदा पिस्तौल राउंड... गिरफ्तार व्यक्तियों में से एक आत्मसमर्पण करने वाला रिहा आतंकवादी है, दूसरा आत्मसमर्पण करने वाले रिहा आतंकवादी का बेटा है। तीसरा व्यक्ति प्रथम दृष्टया मास्टरमाइंड है जो पिछले दो वर्षों से नार्को-आतंक मामले में गिरफ्तारी से बच रहा था..."
छत पर फेंका गया था ग्रेनेड
बारामूला के पुलिस अधीक्षक (अभियान) फिरोज येह्या ने संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि पुलिस ने सात जनवरी को उत्तरी कश्मीर जिले के पट्टन इलाके में प्रादेशिक सेना के शिविर पर हथगोला से हुए हमले के मामले को सुलझा लिया है। उन्होंने बताया कि उस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ था।
येह्या ने कहा, ‘‘हथगोला शिविर के एमआई कक्ष की छत पर गिरा, जिससे काफी नुकसान हुआ लेकिन सौभाग्य से इसमें कोई हताहत या घायल नहीं हुआ। मौके पर तकनीकी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य एकत्र किए गए और गहन जांच की गई। गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।’’
