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'नागरिकों को मातृभाषा के लिए उत्पीड़न की धमकी देना असंवैधानिक...' सीएम ममता बनर्जी ने भाजपा पर साधा निशाना

Mamata Banerjee: ममता बनर्जी ने 'बांग्ला' भाषा विवाद पर एक बार फिर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि असम में भाजपा का यह विभाजनकारी एजेंडा सारी हदें पार कर चुका है और असम के लोग इसका डटकर मुकाबला करेंगे।

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मातृभाषा के लिए उत्पीड़न की धमकी देना असंवैधानिक: ममता बनर्जी

Photo : ANI

Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 'बांग्ला' भाषा विवाद पर एक बार फिर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि असम में भाजपा का यह विभाजनकारी एजेंडा सारी हदें पार कर चुका है और असम के लोग इसका डटकर मुकाबला करेंगे। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा कि देश में दूसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा 'बांग्ला' असम की भी दूसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। सभी भाषाओं और धर्मों का सम्मान करते हुए शांतिपूर्वक सह-अस्तित्व में रहना चाहने वाले नागरिकों को उनकी अपनी मातृभाषा को बनाए रखने के लिए उत्पीड़न की धमकी देना भेदभावपूर्ण और असंवैधानिक है। उन्होंने अपने पोस्ट में आगे लिखा कि असम में भाजपा का यह विभाजनकारी एजेंडा सारी हदें पार कर चुका है और असम के लोग इसका डटकर मुकाबला करेंगे। मैं हर उस निडर नागरिक के साथ खड़ी हूं, जो अपनी भाषा और पहचान की गरिमा और अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए लड़ रहा है।

भाषा विवाद को लेकर सीएम ममला ने भाजपा पर साधा निशाना

इससे पहले ममता बनर्जी ने एक पोस्ट में कहा था कि मैं यह जानकर स्तब्ध और बेहद व्यथित हूं कि असम में विदेशी न्यायाधिकरण ने कूचबिहार के दिनहाटा में 50 से ज्यादा वर्षों से रह रहे राजबंशी उत्तम कुमार बृजवासी को एनआरसी नोटिस जारी किया है। वैध पहचान पत्र देने के बावजूद उन्हें विदेशी/अवैध प्रवासी होने के संदेह में परेशान किया जा रहा है। यह लोकतंत्र पर एक सुनियोजित हमले से कम नहीं है। यह इस बात का प्रमाण है कि असम में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार बंगाल में एनआरसी लागू करने की कोशिश कर रही है, जहां उसके पास कोई शक्ति या अधिकार क्षेत्र नहीं है। ममता बनर्जी ने पहले भी भाजपा शासित राज्यों में 'बांग्ला' बोलने वाले मजदूरों और प्रवासियों की कथित तौर पर गिरफ्तारी का मुद्दा उठाया। इसको लेकर उन्होंने कोलकाता में मार्च भी किया। कवि, नाटककार और गीतकार द्विजेंद्रलाल रॉय की जयंती पर भी शुक्रवार को ममता बनर्जी ने आरोप लगाए कि पूरे देश में बंगाली भाषा और बंगालियों के खिलाफ एक गहरी साजिश चल रही है।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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