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दूसरी अंतरिक्ष यात्रा की तैयारियों में जुटे शुभांशु शुक्ला, मिशन गगनयान को लेकर कही बड़ी बात

Gaganyaan Mission: अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर कदम रखने वाले भारत के पहले व्यक्ति शुभांशु शुक्ला का कहना है कि वह गगनयान मिशन के प्रशिक्षण में भारतीय वायु सेना के परीक्षण पायलट के रूप में अपने अनुभव का लाभ उठा रहे हैं।

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अंतरिक्ष स्टेशन जाने वाले पहले भारतीय शुभांशु शुक्ला (फाइल फोटो)

Gaganyaan Mission: अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर कदम रखने वाले भारत के पहले व्यक्ति शुभांशु शुक्ला का कहना है कि वह गगनयान मिशन के प्रशिक्षण में भारतीय वायु सेना के परीक्षण पायलट के रूप में अपने अनुभव का लाभ उठा रहे हैं। ग्रुप कैप्टन शुक्ला ने कहा कि किसी भी नए विमान को उड़ाना और यह साबित करना कि वह परिचालन के लिए सुरक्षित है, यही वह सिद्धांत था जिसका उन्होंने तब भी पालन किया और अब भी करते हैं।

शुक्ला ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के पहले मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम को एक विकसित हो रहे या 'प्रोटोटाइप' मिशन के रूप में वर्णित किया। शुक्ला ने 'पीटीआई वीडियो' से कहा, ''वैश्विक स्तर पर भारतीय अंतरिक्ष समुदाय, विशेष रूप से इसरो के प्रति बहुत सम्मान है... मानव अंतरिक्ष मिशन की ओर बढ़ना एक बहुत बड़ा बदलाव है।''

शुभांशु शुक्ला ने ISS में बिताए 18 दिन

उन्होंने कहा कि गगनयान अंतरिक्ष अन्वेषण की वैश्विक दौड़ में भारत को एक 'अद्वितीय स्थान' पर स्थापित करेगा। पिछले साल जून में, शुक्ला उन चार अंतरिक्ष यात्रियों में शामिल थे, जिन्होंने नासा के 'एक्सिओम-4' मिशन के हिस्से के रूप में अंतरिक्ष की यात्रा की और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर 18 दिन बिताए।

अंतरिक्ष यात्रा की तैयारी कर रहे शुक्ला

ठीक एक साल बाद, शुक्ला अब बेंगलुरु में हैं और इसरो के गगनयान मिशन के लिए चुने गए चार अंतरिक्ष यात्रियों में से एक हैं। वह अपने परिवार के साथ बेंगलुरु में रहते हैं और अपनी दूसरी अंतरिक्ष यात्रा की तैयारी कर रहे हैं।

संभावित रूप से मध्य-2027 के लिए निर्धारित, इस मिशन का उद्देश्य तीन सदस्यों की एक टीम को तीन दिनों के लिए 400 किलोमीटर की पृथ्वी की निचली कक्षा में भेजकर, और उन्हें भारतीय समुद्री क्षेत्र में सुरक्षित रूप से उतारकर मानव अंतरिक्ष उड़ान में भारत की क्षमता का प्रदर्शन करने का लक्ष्य है।

अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक सहयोग से शुरू हुए 'एक्सिओम-4' और भारत के स्वदेशी प्रमुख कार्यक्रम 'गगनयान' की तुलना करते हुए शुक्ला ने कहा, ''मुझे लगता है कि परिणामों के लिहाज से ये दोनों काफी अलग हैं। विशेष रूप से, जब भारत इस (गगनयान) मिशन को आगे बढ़ाएगा और इसे सफलतापूर्वक पूरा कर पाएगा, तो इससे उन अन्य देशों को काफी प्रोत्साहन मिलेगा, जो ऐसे मिशन शुरू करने की सोच रहे हैं, क्योंकि तब यह संभव लगेगा।''

उत्तर प्रदेश के लखनऊ से ताल्लुक रखने वाले शुक्ला ने कहा, ''मुझे लगता है कि मिशन गगनयान को क्रियान्वित करने पर हमारे देश की क्षमताओं में अभूतपूर्व वृद्धि होगी, क्योंकि इसमें कई नयी प्रौद्योगिकी का विकास शामिल है।'' शुक्ला ने कहा, ''अंतरिक्ष अभियानों के लिए यह एक महत्वपूर्ण मोड़ है...खासकर जैसा कि आप देख रहे हैं, अंतरिक्ष में जाने, चंद्रमा पर जाने और इससे आगे बढ़ने की एक तरह की होड़ चल रही है।''

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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