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Tejas Fighter Jet Crash: एक फाइटर जेट ने खड़ी की इंडियन एयरफोर्स के लिए परेशानी! पूरी फ्लीट अंडर सेफ्टी रिव्यू

Indian Air Force News: भारत का स्वदेशी फाइटर जेट प्रोग्राम एक बार फिर जांच के दायरे में आ गया है। डिफेंस ऑब्जर्वर इस बात पर करीब से नजर रखेंगे कि HAL और इंडियन एयर फोर्स इस नई दिक्कत से कैसे निपटते हैं।

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एक फाइटर जेट ने खड़ी की इंडियन एयरफोर्स के लिए परेशानी

Third Tejas LCA Crash: भारत का स्वदेशी फाइटर जेट प्रोग्राम एक बार फिर जांच के दायरे में आ गया है, जब एक तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट एक अहम भारतीय एयरबेस पर लैंडिंग के दौरान एक्सीडेंट हो गया। यह घटना हाल के सालों में तेजस प्लेटफॉर्म से जुड़ी तीसरी दुर्घटना है, जिससे ऑपरेशनल तैयारी और डिलीवरी टाइमलाइन पर नए सवाल उठ रहे हैं।

अधिकारियों ने कन्फर्म किया कि पायलट सुरक्षित रूप से इजेक्ट हो गया और उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई। हालांकि, एयरक्राफ्ट को बड़ा स्ट्रक्चरल डैमेज हुआ है और इंडियन एयर फोर्स (IAF) ने इसे अनसर्विसेबल घोषित कर दिया है। अधिकारियों ने अभी तक फरवरी 2026 के क्रैश पर कोई ऑफिशियल बयान जारी नहीं किया है।

तीसरा तेजस LCA क्रैश (Third Tejas LCA crash): एयरक्राफ्ट डैमेज, पायलट सुरक्षित

यह दुर्घटना एक रूटीन ट्रेनिंग सॉर्टी के बाद लैंडिंग फेज के दौरान हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फाइटर जेट को एक अहम भारतीय एयरबेस पर रनवे के पास पहुंचते समय दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पायलट ने तुरंत एक्शन लिया और एयरक्राफ्ट को भारी डैमेज होने से पहले सुरक्षित रूप से इजेक्ट कर लिया।

क्रैश में शामिल तेजस उन 32 सिंगल-सीट लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट में से एक था जो हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा IAF को पहले ही डिलीवर किए जा चुके थे। पायलट को कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन शुरुआती जांच से पता चलता है कि एयरक्राफ्ट को गंभीर स्ट्रक्चरल डैमेज हुआ है, जिससे यह तुरंत सर्विस के लिए फिट नहीं है।

डिफेंस अधिकारियों से लैंडिंग में हुई इस गलती का कारण पता लगाने के लिए एक डिटेल्ड टेक्निकल जांच शुरू करने की उम्मीद है।

तेजस LCA क्रैश हिस्ट्री (Tejas LCA Crash History): पिछले एक्सीडेंट्स के बारे में

यह तेजस फाइटर जेट से जुड़ा तीसरा रिपोर्ट किया गया क्रैश है। पहला एक्सीडेंट मार्च 2024 में जैसलमेर के पास हुआ था। एयरक्राफ्ट फायरपावर डेमोंस्ट्रेशन से लौटने के बाद क्रैश हो गया था। पायलट टक्कर से पहले सुरक्षित रूप से बाहर निकलने में कामयाब रहा।

दूसरा क्रैश नवंबर 2025 में दुबई एयरशो में एक एरोबैटिक डिस्प्ले के दौरान हुआ था। इस दुखद एक्सीडेंट में विंग कमांडर नमांश स्याल की मौत हो गई थी। अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू की हुई है, जो अभी भी चल रही है।

फरवरी 2026 का सबसे नया क्रैश एयरक्राफ्ट की ऑपरेशनल चुनौतियों से जुड़ी चिंताओं को और बढ़ाता है, हालांकि एक्सपर्ट्स इस बात पर जोर देते हैं कि दुनिया भर में फाइटर जेट प्रोग्राम में अक्सर डेवलपमेंट और डिप्लॉयमेंट फेज के दौरान घटनाएं होती हैं।

तेजस Mk1A में देरी (Tejas Mk1A Delay): HAL की डिलीवरी का क्या स्टेटस है?

इंडियन एयर फोर्स ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड से 180 LCA Mk1A एयरक्राफ्ट का एक बड़ा ऑर्डर दिया है। Mk1A वेरिएंट में एडवांस्ड एवियोनिक्स, बेहतर रडार सिस्टम और बेहतर लड़ाकू क्षमता है।

हालांकि, खबर है कि HAL अपग्रेडेड Mk1A जेट की डिलीवरी के लिए कई डेडलाइन पहले ही चूक गया है। इस देरी ने डिफेंस सर्कल में चिंता बढ़ा दी है, खासकर इसलिए क्योंकि IAF बदलती सुरक्षा चुनौतियों के बीच अपने फ्लीट को मॉडर्न बनाना चाहता है।

अधिकारी प्रोडक्शन शेड्यूल पर करीब से नजर रख रहे हैं। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि सप्लाई चेन की दिक्कतों और टेक्निकल इंटीग्रेशन चुनौतियों की वजह से एडवांस्ड वेरिएंट के रोलआउट में देरी हो सकती है।

IAF ने तेजस के पूरे फ्लीट को ग्राउंड किया

हाल ही में फरवरी 2026 में हुए हादसे के बाद, खबर है कि IAF ने एहतियात के तौर पर सभी ऑपरेशनल तेजस एयरक्राफ्ट को ग्राउंड कर दिया है। इस कदम का मकसद रेगुलर फ्लाइट ऑपरेशन फिर से शुरू करने से पहले सुरक्षा पक्का करना, इंस्पेक्शन करना और प्रोटोकॉल का रिव्यू करना है।

फ्लीट को ग्राउंड करने से इंजीनियर सभी एयरक्राफ्ट में संभावित टेक्निकल या स्ट्रक्चरल दिक्कतों का अंदाजा लगा सकते हैं और यह पक्का कर सकते हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। यह फैसला लेटेस्ट क्रैश की जांच जारी रहने तक सावधानी भरा नजरिया दिखाता है।

क्या तेजस फाइटर जेट सेफ है?

तेजस प्रोग्राम डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भरता के लिए भारत के प्रयास को दिखाता है। हाल की घटनाओं के बावजूद, डिफेंस एनालिस्ट इस बात पर जोर देते हैं कि अलग-अलग दुर्घटनाएं अपने आप सिस्टमिक डिजाइन की कमियों को नहीं दिखाती हैं।

फाइटर एयरक्राफ्ट मुश्किल और ज्यादा जोखिम वाले माहौल में काम करते हैं। ट्रेनिंग सॉर्टी और डेमोंस्ट्रेशन फ्लाइट अक्सर मुश्किल हालात में एयरक्राफ्ट की परफॉर्मेंस को टेस्ट करती हैं। अधिकारी आमतौर पर यह पता लगाने के लिए पूरी क्रैश जांच करते हैं कि मैकेनिकल दिक्कतों, पायलट की गलती या बाहरी वजहों का कोई रोल था या नहीं।

लेटेस्ट जांच का नतीजा यह समझने में अहम होगा कि प्रोसिजरल एडजस्टमेंट या टेक्निकल बदलावों की जरूरत है या नहीं।

इंडियन एयर फोर्स के जवाब का इंतजार

अभी तक, इंडियन एयर फोर्स ने फरवरी 2026 की लैंडिंग घटना पर कोई ऑफिशियल पब्लिक बयान जारी नहीं किया है। जांच आगे बढ़ने पर डिफेंस अधिकारियों से शुरुआती जानकारी शेयर किए जाने की उम्मीद है।

IAF अभी अपनी बड़ी मॉडर्नाइजेशन स्ट्रैटेजी के तहत कई तेजस स्क्वाड्रन चला रही है। यह देसी फाइटर जेट भारत की लंबे समय की डिफेंस प्लानिंग का सेंटर बना हुआ है।

तेजस LCA क्रैश: आगे क्या होगा?

स्टैंडर्ड प्रोसीजर के हिसाब से, इन्वेस्टिगेटर फ्लाइट डेटा, कॉकपिट रिकॉर्डिंग और मेंटेनेंस लॉग को एनालाइज करेंगे। टेक्निकल टीमें यह देखेंगी कि यह हादसा लैंडिंग के दौरान मैकेनिकल खराबी की वजह से हुआ या दूसरे ऑपरेशनल फैक्टर्स की वजह से।

खबर है कि क्रैश में शामिल एयरक्राफ्ट को काफी स्ट्रक्चरल डैमेज हुआ है और उसे अनसर्विसेबल माना गया है। रिपेयर या रिप्लेसमेंट का फैसला फाइनल असेसमेंट पर निर्भर करेगा।

हालांकि पायलट की सेफ्टी से राहत मिली है, लेकिन तीसरे क्रैश ने एयरक्राफ्ट के भरोसे और डिलीवरी टाइमलाइन पर फिर से फोकस किया है। डिफेंस ऑब्जर्वर इस बात पर करीब से नजर रखेंगे कि HAL और इंडियन एयर फोर्स इस नई दिक्कत से कैसे निपटते हैं।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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