Ka Se Kahani : क से कहानी के पहले एपिसोड में Munish Devgan के साथ देखिए Golden Temple में Sukhbir Singh Badal पर हुए हमले की असली कहानी...आपको बता दें कि आज Punjab से एक ऐसी खबर आई जिसने सबको हिला दिया। पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल पर जानलेवा हमला हुआ था।
सुबह के यही कोई 9 बज रहे होंगे...शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल धार्मिक सजा के तौर पर गोल्डन टेंपल के गेट पर पहरेदारी कर रहे थे, तभी वहां एक बुजुर्ग शख्स पहुंचा उसने गेट पर बैठे बादल को देखकर जेब से पिस्टल निकाली लेकिन वहां बादल की सुरक्षा में तैनात एक शख्स ने उसे ऐसा करते देख लिया, उसने तुरंत लपककर हमलावर को रोकने की कोशिश की।
मीडियाकर्मियों के कैमरे में हमले का पूरा दृश्य 'रिकॉर्ड' हो गया
गौर हो कि पंजाब में शिरोमणि अकाली दल सरकार द्वारा 2007 से 2017 तक की गई 'गलतियों' के लिए स्वर्ण मंदिर में 'सेवादार' के रूप में बादल की सजा का यह दूसरा दिन था, जिसे 'कवर' करने पहुंचे मीडियाकर्मियों के कैमरे में हमले का पूरा दृश्य 'रिकॉर्ड' हो गया। टेलीविजन पर प्रसारित दृश्यों में बादल एक पैर की हड्डी टूटने की वजह से 'व्हीलचेयर' पर बैठकर सेवा करते दिखते हैं। उसी दौरान हमलावर धीरे-धीरे उनकी ओर बढ़ता और अपनी जेब से हथियार निकालता दिखता है।
इस बीच, बादल के पास सादे कपड़े में खड़े एक पुलिस अधिकारी ने तुरंत हमलावर का हाथ पकड़कर उसे दूर धकेल दिया। इस दौरान चली एक गोली बादल के पीछे मंदिर की प्रवेश दीवार पर लगी। हालांकि इस दौरान बादल बाल-बाल बच गए।
इसके बाद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) कार्य बल के सदस्यों ने भी बीच बचाव किया। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बादल को 'जेड-प्लस' श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है।
पुलिस की सतर्कता के कारण हमला विफल
पुलिस ने हमलावर की पहचान डेरा बाबा नानक निवासी और एक पूर्व आतंकवादी नारायण सिंह चौरा के रूप में की तथा हमले के बाद सुरक्षा अधिकारी उसे अपने साथ ले गए और उसे गिरफ्तार कर लिया।अमृतसर के पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने कहा कि पुलिस की सतर्कता के कारण बादल पर हमला विफल कर दिया गया।
