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आरक्षण में 50% की सीमा खत्म होगी, लिख कर रख लो- प्रयागराज में बोले राहुल गांधी, सोशल इकोनॉमिक सर्वे का भी वादा

राहुल गांधी ने कहा कि देश के 500 सबसे बड़े उद्योगपतियों की लिस्ट में एक भी दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग का व्यक्ति नहीं दिखेगा। ज्यूडिशरी, कॉर्पोरेट और मीडिया सेक्टर में भी यही हाल है।

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प्रयागराज में संविधान सम्मान सम्मेलन में राहुल गांधी

KEY HIGHLIGHTS
  • प्रयागराज में संविधान सम्मान सम्मेलन का आयोजन
  • राहुल गांधी ने किया सम्मेलन को संबोधित
  • राहुल गांधी ने जाति जनगणना को लेकर किया बड़ा वादा

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नेता विपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि देश में मौजूदा आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत तक जो हो, वो भविष्य में जरूर खत्म होगी। अगर वर्तमान सरकार ने इसे खत्म नहीं किया तो उनकी सरकार आने पर इसकी सीमा खत्म की जाएगी।

संविधान सम्मान सम्मेलन में राहुल गांधी

प्रयागराज में संविधान सम्मान सम्मेलन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश का संविधान हमारा स्वाभिमान है। समानता, सम्मान और अधिकारों का रक्षक है। दुनिया की कोई ताकत इसे मिटा नहीं सकती। उन्होंने कहा- "हिंदुस्तान के लोगों को संविधान से ही उनका अधिकार मिला है।

संविधान हिंदुस्तान के लोगों की आवाज है। हम इसकी रक्षा करते रहेंगे। लिख कर रख लो, जातिगत जनगणना होगी। सोशल इकोनॉमिक सर्वे होगा। इंस्टीट्यूशनल सर्वे होगा। आरक्षण में 50% की सीमा खत्म होगी।"

जाति जनगणना पर राहुल स्पष्ट

राहुल गांधी ने जाति जनगणना को लेकर कहा कि हमारे लिए जातिगत जनगणना सिर्फ जनगणना नहीं है, बल्कि ये पॉलिसी मेकिंग की नींव है। जातिगत जनगणना से आबादी पता लगेगी, जो जरूरी कदम है, क्योंकि भागीदारी से पहले आबादी पता होनी चाहिए। लेकिन आबादी पता होना भी अंतिम कदम नहीं है। उन्होंने कहा- "मेरा विजन है कि हिंदुस्तान में धन किस प्रकार से बांटा जा रहा है। साथ ही हिंदुस्तान की संस्थाओं में किसकी कितनी भागीदारी है। देश के 500 सबसे बड़े उद्योगपतियों की लिस्ट में एक भी दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग का व्यक्ति नहीं दिखेगा। ज्यूडिशरी, कॉर्पोरेट और मीडिया सेक्टर में भी यही हाल है। इसीलिए मैंने कहा कि जातिगत जनगणना हमारे लिए सिर्फ गिनती नहीं है, ये हमारे लिए पॉलिसी फ्रेमवर्क है। जैसे गाड़ी के इंजन में सिलेंडर होते हैं। वैसे ही माना कि हिंदुस्तान के इंजन में 10 सिलेंडर हैं, लेकिन काम सिर्फ एक सिलेंडर कर रहा है। यानी 90% लोगों की सिस्टम में कोई भागीदारी नहीं है, फिर भी हम कहते हैं कि देश सुपर पावर बन जाएगा। इसलिए हमने जातिगत जनगणना की बात उठाई है, ताकि लोगों को उनकी भागीदारी मिल सके।"

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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