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आतंकियों के घर ध्वस्त, 63 जगहों पर छापेमारी, पहलगाम हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों का ताबड़तोड़ एक्शन जारी

पिछले 48 घंटों के दौरान सुरक्षा बलों ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर जम्मू-कश्मीर में कई आतंकवादियों के घरों को ध्वस्त करके आतंकवाद के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है।

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पहलगाम हमले के बाद ताबड़तोड़ एक्शन

Photo : PTI

Crackdown Over Pahalgam Attack: 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकवादियों और उनके समर्थकों पर कार्रवाई तेज कर दी है। पहलगाम हमले में 26 लोग मारे गए थे। सुरक्षा बलों ने पिछले 48 घंटों में छह आतंकवादियों के घरों को ध्वस्त कर दिया, जबकि तलाशी अभियान लगातार जारी है। इस बीच पहलगाम आतंकी हमले की जांच एनआईए को सौंप दी गई है। हमले के बाद से सुरक्षा एजेंसियों ने सख्त कार्रवाई करते हुए आतंकियों और उनके मददगारों पर शिकंजा कस दिया है। इस मामले में अब तक क्या-क्या हुआ जानते हैं।

कई आतंकियों के घर ध्वस्त

पिछले 48 घंटों के दौरान सुरक्षा बलों ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर जम्मू-कश्मीर में कई आतंकवादियों के घरों को ध्वस्त करके आतंकवाद के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। शोपियां जिले के जैनापोरा इलाके में लश्कर-ए-तैयबा के सक्रिय आतंकवादी अदनान शफी के घर को बम धमाके से उड़ा दिया गया। वहीं, कुपवाड़ा में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी फारूक अहमद के घर को भी ध्वस्त किया गया जो पाकिस्तान में रह रहा है। फारूक के घर के साथ-साथ अन्य आतंकवादियों से जुड़ी संपत्तियों को भी निशाना बनाया गया।

आतंकियों के घर ध्वस्त

आतंकियों के घर ध्वस्त

आतंकियों के मददगारों पर कार्रवाई

श्रीनगर में आतंकियों के मददगारों पर बड़ी कार्रवाई हुई है। पुलिस ने 63 ठिकानों पर छापे मारे और हथियार और डिजिटल डिवाइसेस जब्त किए हैं। श्रीनगर पुलिस ने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों के ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGWs) और आतंकवादी सहयोगियों के आवासों पर और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत दर्ज मामलों की जांच को आगे बढ़ाने के लिए शहर भर में कई स्थानों पर व्यापक तलाशी ली। आतंकवादी नेटवर्क को खत्म करने के अपने प्रयासों में श्रीनगर पुलिस ने यूएपीए अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में शामिल ओजीडब्ल्यू और आतंकवादी सहयोगियों के आवासों पर शहर भर में तलाशी ली।

श्रीनगर में 60 से अधिक स्थानों पर छापे

जम्मू-कश्मीर पुलिस के प्रवक्ता के मुताबिक, शनिवार को श्रीनगर में 60 से अधिक स्थानों पर छापे मारे गए। अनंतनाग में किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखने के लिए पूरे जिले में मोबाइल वाहन चेकपॉइंट लगाए गए हैं। जम्मू-कश्मीर के मंत्रियों ने शनिवार को विभिन्न राज्यों का दौरा किया ताकि वे अपनी-अपनी सरकारों के साथ प्रयासों का समन्वय कर सकें और निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें। पहलगाम आतंकी हमले के बाद कश्मीरी छात्रों और व्यापारियों को परेशान किए जाने की खबरों के मद्देनजर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपने कैबिनेट मंत्रियों को विभिन्न शहरों में तैनात किया है।

आतंकियों पर कार्रवाई

आतंकियों पर कार्रवाई

एफबीआई प्रमुख दिया पूर्ण समर्थन

वहीं, अमेरिकी एजेंसी एफबीआई प्रमुख काश पटेल ने पहलगाम आतंकी हमले पर भारत को पूर्ण समर्थन दिया है। पटेल ने कहा कि एफबीआई कश्मीर में हाल ही में हुए आतंकी हमले के सभी पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता है और भारत सरकार को अपना पूरा समर्थन देना जारी रखेगा। यह आतंकवाद की बुराइयों से हमारी दुनिया के सामने लगातार आने वाले खतरों की याद दिलाता है। प्रभावित लोगों के लिए प्रार्थना करें।

ईरान ने की हमले की निंदा

वहीं, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत के दौरान पहलगाम आतंकवादी हमले की निंदा की और आतंकवाद से निपटने के लिए क्षेत्रीय सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ईरान इस तरह के अमानवीय कृत्यों की स्पष्ट रूप से निंदा करता है। नई दिल्ली में ईरान के दूतावास ने एक्स पर एक पोस्ट में यह बयान दिया।

मणिशंकर अय्यर ने जताई हैरत

उधर, वरिष्ठ कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने हैरत जताई कि क्या पहलगाम त्रासदी विभाजन के अनसुलझे सवालों का नतीजा थी। अय्यर कहा कि उस समय भी देश के सामने प्रश्न था और आज भी वही प्रश्न है, वह यह है कि क्या भारत में मुसलमान खुद को स्वीकार्य, स्नेह प्राप्त और सम्मानित महसूस करते हैं? उन्होंने कहा, कई लोगों ने लगभग विभाजन को रोक दिया था, लेकिन ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि गांधीजी, पंडित नेहरू, जिन्ना और जिन्ना से असहमत कई अन्य मुसलमानों के बीच भारत की राष्ट्रीयता और इसकी सभ्यतागत विरासत की प्रकृति की मूल्य प्रणालियों और आकलन में मतभेद थे।

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Amit Mandal
अमित कुमार मंडल author

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर... और देखें

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