Meentai Thackeray Statue: मुंबई के शिवाजी पार्क में बुधवार को शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे की दिवंगत पत्नी मीनाताई ठाकरे की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने की कोशिश की गई। दरअसल, अज्ञात लोगों ने तड़के मीनाताई की प्रतिमा पर लाल रंग फेंका। जिसके बाद से महाराष्ट्र की सियासत गर्मायी हुई है। हालांकि, घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी।
क्या है पूरा मामला?
सुबह करीब 6.30 बजे एक राहगीर ने मिनाताई ठाकरे की प्रतिमा पर लाल रंग देखा। इसकी जानकारी मिलने के बाद, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और परिसर की सफाई शुरू कर दी।
जांच के लिए टीमें गठित
स्थानीय पुलिस के मुताबिक, घटना के पीछे कौन था, इसकी पहचान के लिए कई पुलिस टीमें गठित की गई हैं। दादर के शिवाजी पार्क क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इस घटना की घटना की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र के गृह एवं राजस्व राज्य मंत्री योगेश कदम ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरकार पर बरसे अनिल देसाई
योगेश कदम ने मीनाताई ठाकरे को सभी शिवसैनिकों की मातृशक्ति बताया और इस मामले को उनके लिए एक भावनात्मक मुद्दा बताया। वहीं, शिवसेना (यूबीटी) नेता और सांसद अनिल देसाई ने मूर्ति के विरूपण को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'यह राज्य सरकार की विफलता है।' स्थानीय सेना (यूबीटी) विधायक महेश सावंत ने मीनाताई ठाकरे को अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं की मातृशक्ति बताया और कहा कि सीसीटीवी फुटेज से पता चलता है कि मूर्ति को सुबह 6.15 बजे के बाद विरूपित किया गया था।
राज ठाकरे ने क्या कुछ कहा?
मिनाताई ठाकरे की मूर्ति पर रंग फेके जाने की जानकारी मिलते ही शिवाजी पार्क के पास "शिवतीर्थ बंगले" में रह रहे महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे भी मूर्ति देखने और घटना की जानकारी ली। इस दौरान राज ने स्थानीय पुलिस अधिकारी को इस घटना के लिए ज़िम्मेदार आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने मांग की।
मूर्ति देखने शिवाजी पार्क पहुंचे उद्धव ठाकरे
वहीं, दोपहर में उद्धव ठाकरे अपने बेटे आदित्य के साथ मिनाताई ठाकरे की मूर्ति देखने और कार्यकर्ताओं से मिलने शिवाजी पार्क पहुंचे। दोनों ने मिनाताई को पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान उद्धव ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र में दंगे भड़काने की कोशिश की गई, जैसे प्रधानमंत्री की मां के अपमान पर बिहार बंद किया गया था, यह महाराष्ट्र को बंद करने की कोशिश है।
उन्होंने कहा कि इस घटना के पीछे दो तरह के लोग हो सकते हैं। एक ऐसे लोग होते हैं जिन्हें अपनी मां का नाम लेने में शर्म आती है। दूसरे वो होते हैं जो, जैसे मोदी की मां के अपमान पर बिहार बंद करने की कोशिश हुई थी, वैसे ही महाराष्ट्र को भी बंद करने की कोशिश कर सकते हैं।
'मामले की जांच करेगी पुलिस'
उद्धव ने कहा कि, पुलिस ने उनसे कहा है कि वे मामले की पूरी जांच करेंगे। हमने शिवसैनिकों से शांत रहने को कहा है। जिस तरह मोदी की मां के अपमान पर बिहार बंद करने की कोशिश हुई थी, उसी तरह महाराष्ट्र को भी बंद करने की कोशिश हो सकती है। हालांकि, आज भी भावनाएं उग्र हैं, हमें शांति बनाए रखने की सलाह दी गई है। केवल इस घटना की निंदा करना पर्याप्त नहीं है। हो सकता है कि कोई महाराष्ट्र में सांप्रदायिक दंगे भड़काने की कोशिश कर रहा हो।
पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा
दादर के शिवाजी पार्क पर हुई इस घटना और लगातार शिवसेना (उद्धव गुट) के कार्यकर्ताओं और नेताओं को आता देख पुलिस ने एहतियातन पुतले के पास सुरक्षा काफी बढ़ा दी। फिलहाल शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
