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तेलंगाना फैक्टरी विस्फोट: सिगाची यूनिट के पास नहीं थी अग्निशमन विभाग से एनओसी, कंपनी के खिलाफ केस दर्ज, सिर्फ 14 शवों की पहचान, 40 की मौत

यूनिट के पास संचालन के लिए अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NoC) नहीं था क्योंकि उन्होंने एनओसी के लिए आवेदन नहीं किया था। वहीं, पुलिस अधीक्षक परितोष पंकज ने कहा, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीम के अनुसार, मलबा हटाने का काम लगभग पूरा हो चुका है।

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सिगाची यूनिट के पास नहीं थी अग्निशमन विभाग से एनओसी

Photo : PTI

Telangana Plant Explosion: तेलंगाना के संगारेड्डी जिले में दो दिन पहले विस्फोट की चपेट में आए सिगाची इंडस्ट्रीज के दवा संयंत्र से मलबा हटाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। विस्फोट में 36 लोगों की जान गई है। जिले के एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि यूनिट के पास संचालन के लिए अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NoC) नहीं था क्योंकि उन्होंने एनओसी के लिए आवेदन नहीं किया था। पुलिस अधीक्षक परितोष पंकज ने कहा, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीम के अनुसार, मलबा हटाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। उनके अनुसार, कोई और शव नहीं मिला है। हम अब भी लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं। मलबा हटाने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। लेकिन किसी भी तरह की घटना होने पर राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और हैदराबाद आपदा प्रतिक्रिया और संपत्ति संरक्षण एजेंसी (हाइड्रा) की एक-एक टीम तैयार अवस्था में वहां मौजूद है।

फैक्टरी प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज

यह पूछे जाने पर कि क्या फैक्टरी में कोई कमी पाई गई है, इस पर पंकज ने कहा कि यह एक तकनीकी मामला है और इसकी जांच विशेषज्ञों की टीम द्वारा की जानी है। संगारेड्डी पुलिस ने एक पीड़ित के परिवार के सदस्य की शिकायत के आधार पर विस्फोट के सिलसिले में फैक्टरी प्रबंधन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या), 110 (गैर इरादतन हत्या का प्रयास) और 117 (स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।

कंपनी के पास अग्निशमन विभाग का एनओसी नहीं था

इसके अलावा, तेलंगाना अग्निशमन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कंपनी को विभाग से कोई एनओसी जारी नहीं हुआ है। संयंत्र में आग लगने की चेतावनी देने वाले फायर अलार्म और हीट सेंसर सहित कोई पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं थे। अधिकारी ने बताया कि अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने की एक प्रक्रिया है। यह एक ऑनलाइन प्रक्रिया है। जब कोई कंपनी ऑनलाइन आवेदन करती है, तो एक समिति उस पर फैसला करती है। इस इकाई ने किसी भी एनओसी के लिए आवेदन नहीं किया है और इसलिए हमने जारी नहीं किया है। वहीं, कंपनी की ओर से आज इस हादसे को लेकर बयान जारी किया गया।

मलबा हटाने का काम लगभग पूरा

उन्होंने कहा कि उनकी तरफ से मलबा हटाने का काम लगभग पूरा हो गया है और अधिकतर वाहन वापस भेज दिए गए हैं। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और तेलंगाना फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं की निदेशक शिखा गोयल ने कहा कि प्रयोगशाला को डीएनए जांच और मिलान के लिए शवों और परिवार के सदस्यों के लगभग 50 नमूने मिले हैं। उन्होंने बताया कि डीएनए जांच और मिलान की प्रक्रिया जारी है। यह पूरी रात चलती रही। हमें जो भी नमूने मिले हैं, उनकी जांच आज तक पूरी हो जानी चाहिए।

राजस्व विभाग के एक अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि केवल 14 शवों की पहचान की गई है, जबकि शेष के डीएनए मिलान की जरूरत है। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने पहले कहा था कि राज्य सरकार कंपनी के प्रबंधन से बात करेगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि इस भीषण दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा मिले। इस घटना में 34 लोग घायल भी हुए हैं।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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