Tejashwi Yadav Defamation Case: राहुल गांधी के बाद अब मानहानि के केस में लालू के लाल और राजद नेता तेजस्वी यादव बुरी तरह से फंसते दिख रहे हैं। गुजरात में मानहानि केस का सामना कर रहे बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। 'गुजरातियों को ठग' कहने से जुड़े केस में मानहानि केस में अहमदाबाद की मेट्रोपॉलिटन कोर्ट ने तेजस्वी यादव को समन जारी किया है।
किसने की है शिकायत
अहमदाबाद के व्यवसायी और सामाजिक कार्यकर्ता हरेश मेहता ने तेजस्वी यादव के खिलाफ मानहानि का केस किया था। मानहानि के आरोपों को साबित करने के लिए शिकायतकर्ता की तरफ से कोर्ट में बयान की सीडी और 15 गवाह पेश किए गए थे। जिसके बाद मेट्रोपॉलिटन कोर्ट के जज डी जे परमार ने मानहानि केस की शिकायत को मान्य रखते हुए बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव को समन जारी किया।
कब होना है पेश
अतिरिक्त मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट डीजे परमार की अदालत ने तेजस्वी यादव को आपराधिक मानहानि के लिए भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 499 और 500 के तहत उनके खिलाफ दायर मामले में 22 सितंबर को पेश होने के लिए समन जारी किया है। अदालत ने दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 202 के तहत यादव के खिलाफ जांच की थी।
क्या कहा था तेजस्वी ने
तेजस्वी यादव ने कहा कि देश में स्थिति ऐसी है कि केवल एक गुजराती ही ठग हो सकता है क्योंकि उनकी ठगी माफ कर दी जाएगी। राजद नेता ने कहा था- ''देश के वर्तमान परिदृश्य में, केवल एक गुजराती ही ठग हो सकता है क्योंकि उनकी ठगी को माफ कर दिया जाएगा।'' तेजस्वी की यह टिप्पणी इंटरपोल द्वारा भगोड़े भारतीय हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस (आरसीएन) वापस लेने के बाद आई थी।
