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तमिलनाडु में ऑनलाइन गेमिंग पर बैन, तीन साल की जेल और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 12, 2023, 11:08 AM IST

Tamil Nadu bans Online Gambling: राज्यपाल द्वारा पारित विधेयक में कहा गया है कि राज्य में ऑनलाइन गैम्बलिंग के लिए किसी भी प्रकार का विज्ञापन, इसे बढ़ावा देना और पैसे या किसी अन्य स्टेक्स से ऑनलाइन गेम खेलना पूरी तरह से प्रतिबंधित है।

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तमिलनाडु में ऑनलाइन गैम्बलिंग पर प्रतिबंध

Photo : BCCL

Tamil Nadu bans Online Gambling: तमिलनाडु में ऑनलाइन गैम्बलिंग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह प्रतिबंध राज्य के राज्यपाल आरएन रवि द्वारा एक विधेयक को मंजूरी देने के बाद लागू हो गया है। ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुंए के आरोप में पकड़े जाने पर अब राज्य में तीन साल तक की सजा और 10 लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है।

तमिलनाडु सरकार के ऑनलाइन गैंम्बलिंग निषेध और रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेम्स विधेयक को राज्यपाल द्वारा मंजूरी दिए जाने के बाद एक गजट अधिसूचना जारी की जाएगी, जिसके बाद यह कानून पूरी तरह से लागू हो जाएगा।

सीएम स्टालिन ने की घोषणा

राज्यपाल द्वारा विधेयक को मंजूरी मिलने के बाद मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने सदन में घोषणा की कि राज्यपाल ने ऑनलाइन गैम्बलिंग विरोधी विधेयक को अपनी सहमति दे दी है। उन्होंने कहा, जल्द ही इसको लेकर एक अधिसूचना के जारी की जाएगी, जिसके बाद यह कानून लागू हो जाएगा।

ऑनलाइन गेम पर प्रतिबंध में क्या शामिल है?

ऑनलाइन जुए को बढ़ावा देने या पैसे या अन्य दांव के साथ मौका के ऑनलाइन गेम खेलने के किसी भी रूप में विज्ञापन राज्य में प्रतिबंधित है। मौका के निर्दिष्ट ऑनलाइन गेम रम्मी और पोकर हैं।

किस मामले में कितनी सजा

राज्यपाल द्वारा पारित विधेयक में कहा गया है कि राज्य में ऑनलाइन गैम्बलिंग के लिए किसी भी प्रकार का विज्ञापन, इसे बढ़ावा देना और पैसे या किसी अन्य स्टेक्स से ऑनलाइन गेम खेलना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। कहा गया है कि तमिलनाडु में कोई भी व्यक्ति जो पैसे या अन्य स्टेक्स के साथ ऑनलाइन गेमिंग या गैम्बलिंग में शामिल होता है तो उसे कारावास की सजा दी जाएगी जो तीन महीने तक बढ़ सकती है या 5,000 तक का जुर्माना या फिर दोनों हो सकता है। वहीं ऑनलाइन गैम्बलिंग को बढ़ावा देने वालों पर एक साल तक की कैद या पांच लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। वहीं ऑनलाइन पोकर और रम्मी सर्विस देने वाले व्यक्ति पर तीन साल तक के कारावास या 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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