Swami Ramdev Press Conference Sanatan Dharma: योगगुरु स्वामी रामदेव ने सनातन धर्म को लेकर हो रही बयानबाजी और उस पर फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचारों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा किए गए अपने सवालों का विस्तार से जवाब दिया और देश के प्राचीन ग्रंथों, वेदों तथा सनातन संस्कृति के इतिहास पर खुलकर बात की।
स्वामी रामदेव ने दो टूक शब्दों में कहा कि 'सनातन के खिलाफ गहरी साजिश हो रही है और इसे बदनाम करने के लिए झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। इतिहास में पहले भगवान राम के अस्तित्व को नकारा गया और अब सनातन संस्कृति पर लगातार हमले किए जा रहे हैं।'
स्वामी रामदेव द्वारा उठाए गए मुख्य बिंदु और आरोप:
ग्रंथों और रामायण में मिलावट का दावा: स्वामी रामदेव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोगों ने रामायण जैसे पवित्र ग्रंथों में भी मिलावट कर दी है और ऐसे विवादित श्लोक जोड़ दिए गए हैं, जिनके जरिए भगवान राम को शूद्रों और नारी का अपमान करने वाला साबित करने की कुचेष्टा की गई है। उन्होंने इसे देश का 'सबसे बड़ा धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पाप' करार दिया, जिसे कुछ राजनीतिक लोगों द्वारा संरक्षण दिया गया।
मुगल और अंग्रेजी हुकूमत पर निशाना: उन्होंने कहा कि मुगल काल और ब्रिटिश शासन के दौरान सनातन और भारतीय शास्त्रों को लेकर सोची-समझी साजिश के तहत भ्रांतियां फैलाई गईं। वेदों और मनुस्मृति को लेकर इतने घिनौने और गलत आरोप गढ़े गए ताकि आने वाली पीढ़ियों के मन में नफरत पैदा हो सके।
कर्म आधारित वर्ण व्यवस्था: वर्ण व्यवस्था (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र) पर बात करते हुए योगगुरु ने स्पष्ट किया कि ये विभाजन जन्म से नहीं बल्कि कर्म पर आधारित थे। सनातन में कभी भी किसी के साथ भेदभाव नहीं किया गया। वेदों की दृष्टि में सभी समान हैं।
षड्यंत्र के तहत धर्म परिवर्तन: स्वामी रामदेव ने चिंता जताई कि विदेशियों और देश विरोधी ताकतों ने फूट डालने का काम किया, जिसके तहत लोगों को सनातन से विमुख कर धर्म परिवर्तन कराने के षड्यंत्र रचे गए। उन्होंने दावा किया कि अतीत में सुनियोजित तरीके से एक बड़े वर्ग को उनकी मूल संस्कृति से दूर करने की कोशिश की गई।
दुनिया अपना रही है सनातन के सिद्धांत: प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में उन्होंने सकारात्मक पक्ष रखते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया स्वास्थ्य, योग और आयुर्वेद के जरिए सनातन के सिद्धांतों को अपना रही है। सनातन सत्य, धर्म और विज्ञान पर आधारित जीवन पद्धति है, जो कभी किसी का अपमान नहीं करती।
