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India Health Summit & Awards: केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने बताया विकसित भारत 2047 के लिए सरकार का हेल्थ रोडमैप

Times Network India Health Summit & Awards 2026 को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने स्वास्थ्य बजट में बढ़ोतरी, आयुष्मान भारत, मुफ्त इलाज, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, ई-संजीवनी और टीबी मुक्त भारत मिशन पर बात की।

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Times Network India Health Summit 2026 में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल का संबोधन

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्यमंत्री, अनुप्रिया पटेल ने बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित Times Network India Health Summit & Awards 2026 में विकसित भारत 2047 के लिए सरकार का हेल्थ रोडमैप सामने रखा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश के नागरिकों का स्वस्थ होना जरूरी है। स्वास्थ्य सेवाओं तक लोगों की पहुंच बढ़ाने और इलाज पर होने वाले खर्च का बोझ कम करने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार की पहलों का जिक्र करते हुए बताया कि पिछले 12 वर्षों में हेल्थ बजट चार गुना से ज्यादा बढ़ा है।

इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा, जब हम दुनिया के विकसित देशों की श्रेणी में आकर खड़े होना चाहते हैं तो जरूरी है कि हमारे नागरिक स्वस्थ हो ताकि अपने पूरे सामर्थ्य, अपनी पूरी क्षमता के साथ वो इस संकल्प के लिए अपना योगदान दे सकें। उन्होंने कहा, बीते 12 वर्षों में केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में विकसित भारत एक्ट 2047 के संकल्प को पूरा करने के लिए स्वास्थ्य जैसे अहम स्तंभ के ऊपर ध्यान दिया है।

अनुप्रिया पटेल ने टाइम्स नेटवर्क की हेल्थ को लेकर इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि वह पहले भी इस कार्यक्रम में शामिल हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि जब भारत विकसित देशों की कतार में खड़ा होना चाहता है, तब यह जरूरी है कि उसके नागरिक स्वस्थ हों और विकसित भारत के निर्माण में योगदान दे सकें।

चार गुना हुआ हेल्थ बजट

केंद्रीय मंत्री ने स्वास्थ्य बजट में बढ़ोतरी का जिक्र करते हुए कहा कि 2013-2014 में स्वास्थ्य क्षेत्र का बजट करीब 37 हजार करोड़ रुपये था, जो अब लगभग चार गुना हो गया है। उन्होंने इसे स्वास्थ्य क्षेत्र पर सरकार के बढ़ते ध्यान के रूप में पेश किया।

स्वास्थ्य सेवाओं पर लोगों का खर्च कम हुआ

अनुप्रिया पटेल ने कहा, जैसे जैसे गवर्नमेंट हेल्थ एक्सपेंडिचर बढ़ रहा है वैसे-वैसे एक आम आदमी की जेब से होने वाला खर्च जिसे हम आउट ऑफ पॉकेट एक्सपेंसेस कहते हैं वो घट रहा है। उन्होंने बताया कि पहले स्वास्थ्य सेवाओं पर होने वाले कुल खर्च में लोगों की जेब से होने वाले खर्च यानी आउट ऑफ पॉकेट एक्सपेंडिचर की हिस्सेदारी 64 प्रतिशत से अधिक थी, जो अब घटकर करीब 43 फीसद रह गई है। उनके मुताबिक, आयुष्मान भारत योजना ने इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा, सरकार ने एक के बाद एक ऐसे प्रयास किए, जिससे एक आम नागरिक की जेब पर कम बोझ पड़े। इसमें सबसे बड़ा योगदान हमारी फ्लैगशिप योजना आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का रहा है। ये एक ऐसी योजना है जिसके दायरे में आज देश के 62 करोड़ नागरिक हैं।

आयुष्मान भारत से 50 करोड़ लोगों के कार्ड बने

अनुप्रिया पटेल ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाती है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत करीब 50 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं और सवा 13 करोड़ लोग इसका लाभ लेकर मुफ्त इलाज करा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों से सामाजिक बदलाव का पता चलता है। अब आर्थिक रूप से कमजोर परिवार इलाज टालने के बजाय समय पर अस्पताल पहुंच सकते हैं। इस योजना में सरकारी अस्पतालों के साथ निजी अस्पतालों को भी शामिल किया गया है।

आयुष्मान आरोग्य मंदिर और ई-संजीवनी पर जोर

केंद्रीय मंत्री ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर और ई-संजीवनी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर के जरिए लोगों को घर के पास प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। यहां 12 प्रकार की सेवाओं के पैकेज उपलब्ध हैं।

ई-संजीवनी के माध्यम से लोग दूर बैठे विशेषज्ञों से परामर्श ले सकते हैं। अनुप्रिया पटेल ने कहा कि इस सुविधा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल भी बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने टीबी मुक्त भारत मिशन के तहत जारी प्रयासों का भी जिक्र किया।

टीबी मुक्त भारत के लिए अभियान

इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने टीबी मुक्त अभियान पर भी बात की। उन्होंने कहा, हमने मिसिंग केसेस को ढूंढ़ने के लिए अभियान चलाया। उन्होंने कहा, बहुत सारे ऐसे रोगी जो समाज में कहीं छिपे हुए हैं, जिनकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। हमने इंटेंसिफाइड कैंपेन चलाकर सघन टीबी जांच अभियान चलाकर ऐसे मिसिंग केसेस को ढूंढने की कोशिश की है। अनुप्रिया पटेल ने कहा, हमने वहां भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पावर्ड हैंडहेल्ड एक्स-रे डिवाइसेस का उपयोग किया है और बड़ी संख्या में आज टीबी के मरीजों की पहचान हुई है। समय रहते उन्हें पोषण और उपचार दोनों की सुविधा सरकार द्वारा उपलब्ध की जा रही है।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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