Article 370: आर्टिकल 370 पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को फैसला सुनाएगा। इस फैसले को लेकर राजनीतिक दलों में हलचल है, यही कारण है कि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा सख्त कर दी गई है। शीर्ष अदालत की पांच न्यायाधीशों की पीठ ने 2 अगस्त से मामले में दैनिक सुनवाई करने के बाद 5 सितंबर को याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
राजनीतिक दलों में हलचल
इस बीच, जम्मू कश्मीर के कई दलों ने पुराना प्रावधान बहाल किये जाने की उम्मीद जताई है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए और सभी को इसका सम्मान करना चाहिए। वहीं नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अनुच्छेद 370 को निरस्त करने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट के प्रतिकूल फैसले की स्थिति में भी उनकी पार्टी जम्मू-कश्मीर में शांति भंग नहीं करेगी और अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखेगी। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि अदालत के फैसले से स्पष्ट होना चाहिए कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा लिया गया निर्णय ‘अवैध’ था।
गुपकर गठबंध में कौन-कौन
नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी ‘पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकर डिक्लेरेशन’(पीएजीडी) का हिस्सा हैं, जिसे गुपकर गठबंधन भी कहा जाता है। इसका गठन अनुच्छेद 370 बहाल करने के वास्ते संघर्ष करने के लिए जम्मू-कश्मीर में कई दलों द्वारा किया गया था।
सुरक्षा सख्त
एडीजीपी कश्मीर ने श्रीनगर में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस मीटिंग में उन्होंने अधिकारियों से स्थिति पर नजर रखने और कश्मीर में कड़ी मेहनत से हासिल की गई शांति को भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने को कहा।
