देश

हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के बागी विधायकों को झटका, अयोग्यता के फैसले पर कोर्ट ने रोक लगाने से किया इंकार

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 18, 2024, 04:02 PM IST

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश की छह रिक्त सीटों के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया सात मई को शुरू होगी। दरअसल, चुनाव आयोग ने इन रिक्त सीटों पर उपचुनाव कराने की घोषणा कर दी है। इन छह सीटों पर 1 जून को उपचुनाव होंगे।

Image

सुप्रीम कोर्ट

Photo : BCCL

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के दौरान बगावत करने वाले कांग्रेस के छह विधायकों को सुप्रीम कोर्ट ने करारा झटका दिया है। कोर्ट ने बागी विधायकों की अयोग्यता के फैसले पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ ने हिमाचल प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया के कार्यालय को नोटिस जारी किया और उससे चार सप्ताह में याचिका पर जवाब देने को कहा है।

पीठ ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के बागी विधायकों की याचिका लंबित रहने तक उन्हें विधानसभा की कार्यवाही में भाग लेने या वोट देने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उसने कहा, छह रिक्त सीटों पर उपचुनाव के संबंध में हम यह देखेंगे कि क्या याचिका के लंबित रहने के दौरान निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित चुनाव को रोका जाना चाहिए।

छह मई को होगी अगली सुनवाई

उच्चतम न्यायालय ने मामले पर अगली सुनवाई के लिए छह मई की तारीख तय की और बागी विधायकों को अपना जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का वक्त दिया। वहीं, विधानसभा की छह रिक्त सीटों के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया सात मई को शुरू होगी। दरअसल, चुनाव आयोग ने इन रिक्त सीटों पर उपचुनाव कराने की घोषणा कर दी है। हिमाचल प्रदेश में लाहुल और स्पीति, धर्मशाला, सुजानपुर, बड़सर, गगरेट और कुटलेहड़ विधानसभा सीट पर एक जून को उपचुनाव होंगे।

29 फरवरी को अयोग्य ठहराए गए थे बागी विधायक

छह असंतुष्ट विधायकों - सुधीर शर्मा, रवि ठाकुर, राजेंद्र राणा, इंदर दत्त लखनपाल, चैतन्य शर्मा और देवेंद्र कुमार भुट्टो को सदन में उपस्थित रहने और कटौती प्रस्ताव तथा बजट के दौरान हिमाचल प्रदेश सरकार के पक्ष में वोट करने के लिए कांग्रेस के व्हिप की अवज्ञा करने पर 29 फरवरी को अयोग्य करार दिया गया था। उनकी अयोग्यता के बाद सदन में सदस्यों की संख्या 68 से घटकर 62 रह गयी जबकि कांग्रेस विधायकों की संख्या 40 से कम होकर 34 रह गयी।

टाइम्स नाउ नवभारत
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलauthor

अक्टूबर 2017 में डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में कदम रखने वाला टाइम्स नाउ नवभारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। अपने न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत की सोच एवं नजरिए के साथ आगे बढ़ते हुए यह न्यूज़ प्लेटफॉर्म आम लोगों से जुड़े मुद्दों का गहराई से विश्लेषण एवं उसे आसान भाषा में पेश करता आया है। राजनीति से लेकर खेल, मनोरंजन, कारोबार और आम लोगों के जीवन पर असर डालने वालीं खबरों का मायने समझाते हुए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों के भरोसे पर खरा उतरा है। \n\nसाथ ही यह अपने न्यूज़ चैनल पर दिखाए जाने वाली खबरों, शोज, स्पशेल कार्यक्रमों एवं रिपोर्टों को पेश करता है। चैनल के ये कार्यक्रम एवं शोज देश-दुनिया के घटनाक्रमों पर एक नया एवं विश्वसनीय नजरिया देते हैं। अपनी खबरों एवं विश्लेषण के चलते पसंदीदा न्यूज़ प्लेटफॉर्म बन चुका टाइम्स नाउ नवभारत, डिजिटल लोगों के भरोसे को लगातार मजबूत कर रहा है।

और पढ़ें
End of Article