Mathura Shahi Idgah Survey: मथुरा शाही ईदगाह परिसर सर्वे कराने के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 14 दिसंबर 2023 को इसका सर्वे करने के निर्देश दिए थे। इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट का फैसला बरकरार रखा।
मथुरा के कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद के संबंध में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित मुकदमों में ईदगाह मस्जिद के सर्वेक्षण के लिए अदालत ने मांग स्वीकार कर ली। 14 दिसंबर 2023 को न्यायमूर्ति मयंक कुमार जैन की पीठ ने मामले में सुनवाई की करते हुए शादी ईदगाह के कमिश्नर सर्वे को मंजूरी दी।
याचिकाकर्ता की ओर से किया गया था ये दावा
इस मामले में हाईकोर्ट के समक्ष लंबित मूल मुकदमे में दायर आवेदन में यह दावा किया गया था कि भगवान श्री कृष्ण का जन्मस्थान मस्जिद के नीचे है और ऐसे कई संकेत हैं जो स्थापित करते हैं कि मस्जिद एक हिंदू मंदिर है, इसलिए सर्वे कराई जानी चाहिए। सर्वेक्षण के लिए एक आयोग का गठन किया जाने की मांग की गई थी।
याचिका में आगे कहा गया था कि एक कमल के आकार का स्तंभ मौजूद हैं, जो हिंदू मंदिरों की एक उत्कृष्ट विशेषता है और शेषनाग की एक छवि भी है, जो हिंदू देवताओं में से एक हैं, जिन्होंने भगवान कृष्ण की उनके जन्म की रात में रक्षा की थी। आवेदन में यह भी कहा गया है कि मस्जिद के स्तंभ के आधार पर हिंदू धार्मिक प्रतीक और नक्काशी भी दिखाई देती है।
