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और सक्रिय रूप से कार्य करने की जरूरत- दिल्ली वायु प्रदूषण पर CAQM को सुप्रीम कोर्ट से लगी फटकार, दी सख्त हिदायत

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीएक्यूएम ने कुछ कदम उठाए हैं, लेकिन उसे और अधिक सक्रिय होने की आवश्यकता है और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उसके प्रयास और निर्देश वास्तव में प्रदूषण की समस्या को कम करने में कारगर हों।

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सुप्रीम कोर्ट

Photo : PTI
KEY HIGHLIGHTS
  • दिल्ली में हर साल सर्दियों में हवा हो जाती है खराब
  • पराली जलाने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
  • समिति की कार्रवाई से कोर्ट संतुष्ट नहीं

दिल्ली वायु प्रदूषण के मामले पर सुप्रीम कोर्ट से वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) को जमकर फटकार लगी है। सुप्रीम कोर्ट ने समिति से कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयास किए जाने की आवश्यकता है कि पराली जलाने के वैकल्पिक उपकरणों का उपयोग जमीनी स्तर पर किया जाए।सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीएक्यूएम ने कुछ कदम उठाए हैं, लेकिन उसे और अधिक सक्रिय होने की आवश्यकता है और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उसके प्रयास और निर्देश वास्तव में प्रदूषण की समस्या को कम करने में कारगर हों।

क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने

जस्टिस अभय एस ओका और ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने यह देखकर आश्चर्य व्यक्त किया कि सीएक्यूएम ने सीएक्यूएम अधिनियम की धारा 14 के अनुसार उन लोगों के खिलाफ कभी भी दंडात्मक कार्रवाई नहीं की है जो इसके निर्देशों का उल्लंघन करते हुए पराली जलाने में लिप्त हैं। न्यायमूर्ति ओका ने मौखिक रूप से कहा कि यदि धारा 14 के तहत कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाती है, तो खेतों में आग लगाने के खिलाफ निषेधात्मक निर्देश केवल कागजों पर ही रह जाएंगे।

3 अक्टूबर को अगली सुनवाई

शीर्ष अदालत ने इसी के साथ प्रदूषण को नियंत्रित करने और पराली जलाने से रोकने के लिए उठाए गए कदमों को लेकर आयोग को बेहतर अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया इस मामले की अगली सुनवाई गुरुवार, 3 अक्टूबर को होगी। सुनवाई के दौरान सीएक्यूएम के चेयरमैन राजेश वर्मा वर्चुअली मौजूद रहे। उन्होंने पीठ को बताया कि उन्होंने दो सप्ताह पहले ही कार्यभार संभाला है। उन्होंने यह भी बताया कि आयोग ने पंजाब और हरियाणा के उन जिलों के उपायुक्तों के साथ बैठक की है, जहां पराली जलाने की घटनाएं सामने आई हैं।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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