Ram Mandir News: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दाखिल सभी याचिकाओं का निपटारा कर दिया। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। इसके बाद चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने मजिस्ट्रेट को कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
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सुप्रीम कोर्ट ने मामले में जनहित के पहलू को देखते हुए याचिकाकर्ताओं को ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही में सहायता करने की अनुमति भी दी। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता उसी तरह मजिस्ट्रेट की सहायता कर सकते हैं, जैसे आपराधिक मामलों में पीड़ितों को कार्यवाही में सहायता करने की अनुमति दी जाती है। यानी याचिकाकर्ता निचली अदालत में अपनी बात रख सकेंगे और मुकदमे के दौरान आवश्यक सहायता कर सकेंगे।
सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को बताई जांच की जानकारी
सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जांच का ब्योरा अदालत के सामने रखा। उन्होंने बताया कि मंदिर में चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित तौर पर चोरी हुई थी। जांच एजेंसियों के पास 35 दिनों की सीसीटीवी फुटेज है। आरोपियों के बैंक खातों की भी जांच की गई और कथित चोरी की रकम के इस्तेमाल का पता लगाया गया है।
तुषार मेहता ने बताया कि जांच में सामने आया कि कुछ आरोपियों ने कथित चोरी के पैसे से संपत्तियां खरीदीं। एक उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि एक संपत्ति की रजिस्ट्री में उसकी कीमत 15 लाख रुपये दिखाई गई, जबकि उसकी वास्तविक कीमत करीब 50 लाख रुपये थी। ऐसे में करीब 35 लाख रुपये नकद दिए जाने की आशंका है। जांच एजेंसियों का कहना है कि यह नकदी कथित तौर पर चोरी की रकम से आई थी, क्योंकि संबंधित व्यक्ति के पास आय का कोई दूसरा स्रोत नहीं था।
सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान पैसों के लेन-देन का पता लगाया गया है। मामले में ऑडिट भी कराया गया है और चढ़ावे से संबंधित सभी सबूत तथा सामग्री सुरक्षित हैं। जांच से जुड़े दस्तावेज और साक्ष्य अदालत के रिकॉर्ड पर रखे गए हैं।
आरोपों के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसने मामले में लगाए गए आरोपों के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त नहीं की है। अदालत ने याचिकाओं का निपटारा करते हुए कहा कि अब मजिस्ट्रेट कानून के अनुसार आगे की कार्यवाही करेंगे।
