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Sudarshan Setu Dwarka: भारत का सबसे लंबा सिग्नेचर ब्रिज होगा सुदर्शन सेतु, एक से एक खासियतों से है लैस

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Feb 24, 2024, 12:08 AM IST

Sudarshan Setu Dwarka: 2.5 किमी लंबा सुदर्शन सेतू द्वारका के ओखा और बेट को जोड़ता है। इससे द्वारकाधीश मंदिर तक कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा। ₹978 करोड़ की लागत से निर्मित इस ब्रिज को मोदी सरकार ने 2017 में बनाना शुरू किया था।

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सुदर्शन सेतु के नाम से जाना जएगा ओखा-बेट द्वारका सिग्नेचर ब्रिज (फोटो-AIR)

Sudarshan Setu Dwarka: भारत का सबसे लंबा सिग्नेचर ब्रिज गुजरात में खुलने को तैयार है। ओखा-बेट द्वारका सिग्नेचर ब्रिज का उद्घाटन 25 फरवरी को पीएम मोदी के हाथों होना है। ओखा-बेट सिग्नेचर ब्रिज के निर्माण के पीछे, पीएम मोदी के विजन का ही हाथ बताया जा रहा है। यह पुल द्वारकाधीश मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों के लिए राहत पहुंचाने वाला होगा। इसके जरिए पानी के रास्ते जो सफर पांच घंटे में होता है, वह अब तीन घंटे में ही पूरा हो जाएगा। इस सिग्नेचर ब्रिज की कई खासियतें हैं, जो इसे एक अनूठी पहचान देती है।

द्वारकाधीश मंदिर तक कनेक्टिविटी को बढ़ावा

2.5 किमी लंबा सुदर्शन सेतू द्वारका के ओखा और बेट को जोड़ता है। इससे द्वारकाधीश मंदिर तक कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा। ₹978 करोड़ की लागत से निर्मित इस ब्रिज को मोदी सरकार ने 2017 में बनाना शुरू किया था। पीएम मोदी ने ही सुदर्शन सेतू की आधारशिला रखी थी, जिसका उद्घाटन भी अब पीएम मोदी ही करने वाले हैं।

सुदर्शन सेतू की खासियतें और फायदे

  • ओखा-बेट सिग्नेचर ब्रिज के निर्माण से पहले, तीर्थयात्री द्वारका स्थित द्वारकाधीश मंदिर तक पहुंचने के लिए जल परिवहन पर निर्भर थे। बोट पर निर्भर थे। जो अब खत्म हो जाएगा।
  • अब समुद्र की लहरों के बीच तीर्थयात्री सड़क मार्ग के जरिए द्वारकाधीश मंदिर तक पहुंच सकेंगे।
  • इसके साथ ही यहां के स्थानीय लोगों को भी मेडिकल इमरजेंसी में स्पेशल बोट करके जाने की जरूरत पड़ती है। जो अब खत्म हो जाएगा।
  • स्थानीय लोगों के लिए भी ब्रिज बनने से आने- जाने में आसानी होगी। साथ ही बेट द्वारका में विकास के कई रास्ते खुल जाएंगे।
  • बेट द्वारका और ओखा के बीच बने 2.5 किलोमीटर लंबे सिग्नेचर ब्रिज में 12 व्यूइंग गैलेरी बनाई गई है।
  • फुटपाथ पर दोनों साइड पर श्रीमद भगवत गीता के श्लोक ओर भगवान श्रीकृष्ण के चित्र लगाए गए हैं।
  • इसकी फुटपाथ के दोनों साइड के ऊपरवाले हिस्सों में सोलर पैनल लगाए गए हैं जिससे 1 मेगावॉट बिजली का उत्पादन होगा।
  • इसी बिजली का प्रयोग ब्रिज पर लगी लाइटिंग के लिए किया जाएगा, बाकि बिजली ओखा गांव में सप्लाई की जाएगी।
  • पुल पर टूरिस्ट गैलरी में लोग कुछ समय रूक कर कच्छ की खाड़ी के समुद्र को देख सकते हैं।
  • यहां से सूर्यास्त का नजारा भी देखने लायक होगा, जिसका आनंद टूरिस्ट उठा सकते हैं।
  • सुदर्शन सेतू के खंभों पर मोर का पंख बनाया गया है, जो काफी दूर से दिखता है।
शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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