Tibet Earthquake: तिब्बत में गुरुवार की शाम धरती के तेज झटकों से हड़कंप मच गया। रिएक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 7.0 मापी गई। भारत के नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) ने इसकी गहराई 173 किलोमीटर बताई है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार आज 22 अक्टूबर 2026 रात भारतीय समयानुसार, शाम 8:03 बजे तिब्बत में 7.0 तीव्रता का तेज भूकंप आया। भूकंप की गहराई 173 Km थी। गहराई ज्यादा होने से नुकसान कम होने की संभावना है।
महसूस किए गए तेज झटके
चीन के भूकंप नेटवर्क सेंटर (CENC) के मुताबिक भूकंप स्थानीय समय के अनुसार, रात करीब 10:33 बजे (भारतीय समय के अनुसार शाम 8:03 बजे) उत्तरी तिब्बत के नाकचू (Nagqu) काउंटी में आया। CENC के आंकड़ों के अनुसार, भूकंप का केंद्र जमीन से सिर्फ 10 किलोमीटर की गहराई पर था। यही वजह है कि स्थानीय इलाके में झटके काफी तेज महसूस किए गए।
भूकंप का केंद्र तिब्बत की राजधानी ल्हासा से करीब 400 किलोमीटर दूर था। CENC ने कहा है कि भूकंप स्थानीय क्षेत्र में साफ तौर पर महसूस किया गया। हालांकि अभी तक जान-माल के नुकसान की कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है। यह भूकंप ऐसे समय में आया है जब कुछ हफ्ते पहले ही नेपाल-चीन सीमा पर बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई थी।
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अगस्त में नेपाल में आया था विनाशकारी बाढ़
अगस्त के आखिर में नेपाल और चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के बीच की सीमा के पास एक ग्लेशियर के टूटने से भूस्खलन और अचानक बाढ़ आ गई थी, जिसने निचली घाटियों में तबाही मचा दी थी। इस आपदा में 1,400 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी और 6,000 से ज्यादा लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इससे पहले 26 अगस्त को बर्फ-चट्टान हिमस्खलन के कारण आई बाढ़ ने घरों, सड़कों, पुलों और जलविद्युत परियोजनाओं को तबाह कर दिया था। 8 सितंबर को भी नेपाल में भूकंप आया था।
