Earthquake in Delhi: दिल्ली में फिर भूकंप के झटके आए हैं। इसका केंद्र नेपाल में था और तीव्रता 5.6 रही। इससे पहले तीन नवंबर को दिल्ली-एनसीआर सहित देश के कई शहरों में भूकंप के झटके आए थे। इसका केंद्र नेपाल में था और तीव्रता 6.4 थी। दिल्ली के अलावा यूपी-बिहार में भी झटके महसूस किए गए थे।
भूकंप के झटके आने के साथ ही लोगों में दहशत फैल गई और अपने-अपने घरों-दफ्तरों से बाहर निकल आए। इससे पहले तीन नवंबर को भी ऐसा ही नजारा दिखा था जब भूकंप के झटके आने के बाद लोग देर रात अपने घरों से बाहर निकल आए थे।
क्यों आते हैं भूकंप
धरती के अंदर 7 प्लेट्स ऐसी होती हैं जो लगातार घूमती रहती हैं और ये प्लेट्स जिन जगहों पर ज्यादा टकराती हैं, उसे फॉल्ट लाइन जोन कहा जाता है। बार-बार टकराने से इन प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं और जब दबाव ज्यादा बनने लगता है कि तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। इनके टूटने के कारण अंदर की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजने लगती है। इसी क्रिया के बाद भूकंप आता है। रिक्टर स्केल पर 7.0 या उससे अधिक की तीव्रता वाले भूकंप को सामान्य से खतरनाक माना जाता है। 2 या इससे कम तीव्रता वाला भूकंप सूक्ष्म भूकंप कहलाता है जो ज्यादातर महसूस नहीं होते हैं। 4.5 तीव्रता का भूकंप घरों को क्षतिग्रस्त कर सकता है।
