देश में तीसरे मोर्चो (Third Front) की कवायद अब साफ-साफ दिखने लगी है। कांग्रेस (Congress) के बिना कई विपक्षी पार्टियां यह संकेत दे रही है कि 2024 में वो लोग गठबंधन में चुनाव लड़ सकते हैं। ताजा घटनाक्रम में सपा प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने कुछ ऐसा ही इशारा किया है। अखिलेश यादव ने कहा ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) से मुलाकात के बाद कहा है कि वो टीएमसी के साथ हैं, कांग्रेस के साथ नहीं।
क्या कहा अखिलेश ने
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव अपनी पार्टी की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अध्यक्षता करने के लिए इस समय कोलकाता में हैं। यहां उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले एक नया मोर्चा या गठबंधन सामने आएगा, जिसमें कांग्रेस नहीं होगी। अखिलेश यादव ने कहा- "आप इसे मोर्चा, गठबंधन कह सकते हैं, चुनाव से पहले किसी न किसी रूप में कुछ सामने आएगा, क्योंकि हर कोई परिवर्तन चाहता है।"
ममता से मुलाकात
बंगाल दौरे के दौरान अखिलेश यादव ने टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी से भी मुलाकात की है। दोनों नेताओं के बीच करीब 55 मिनट तक बातें हुईंं हैं। इस मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने कहा- "बेरोजगारी और महंगाई में वृद्धि हुई है। किसान संघर्ष कर रहे हैं और भाजपा ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के सपने दिखा रहे हैं, लेकिन युवाओं को रोजगार कब मिलेगा? कल की बैठक में 2024 के चुनाव पर चर्चा होगी।"
कांग्रेस को स्पष्ट संदेश
ममता बनर्जी से मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने कांग्रेस को लेकर सपा की मंशा स्पष्ट कर दी। उन्होंने कहा- कांग्रेस चुनाव को लेकर अपनी भूमिका तय करे। कई राज्यों के सीएम एक ऐसे गठबंधन की कोशिश कर रहे हैं जो मिलकर काम करे। तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर कोशिश कर रहे हैं, स्टालिन कोशिश कर रहे हैं, बिहार की मुख्यमंत्री और ममता बनर्जी भी कोशिश कर रही हैं। गठबंधन के लिए नाम पर बाद में चर्चा होगी।"
